रंगो और ख़यालों से रंगा ‘अल्फ़ाज़–2018’
कन्या भ्रुणहत्या, ‘समाज मे नारी की स्थिति’और ‘मैं और मेरी माँ’ जैसे ज्वलंत विषयों आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में नन्हे हाथो ने अपने विचार उकेर दिये। नाट्यांश सोसाइटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफोर्मिंग आर्ट्स और भारतीय लोक कला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित हो रहे छठा राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़ - 2018’ के अंतर्गत 25 नवंबर को स्कूलों के छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गयी।

‘कन्या भ्रुणहत्या, ‘समाज मे नारी की स्थिति’और ‘मैं और मेरी माँ’ जैसे ज्वलंत विषयों आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में नन्हे हाथो ने अपने विचार उकेर दिये। नाट्यांश सोसाइटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफोर्मिंग आर्ट्स और भारतीय लोक कला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित हो रहे छठा राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़ – 2018’ के अंतर्गत 25 नवंबर को स्कूलों के छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गयी।
चित्रकला प्रतियोगिता के संयोजक अमित श्रीमाली ने बताया कि यह प्रतियोगिता अरवाना शॉपिंग सेंटर मे आयोजित हुयी जिसमे चित्रकला प्रतियोगिता में शहर के 50 स्कुलों के लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में 70 प्रतिशत से ज्यादा छात्राओं की भागीदारी रही। चित्रकला प्रतियोगिता के निर्णायक शहर के जाने माने चित्रकार डॉ. मनोहर श्रीमाली जी सभी बच्चो को चित्रकला के गुण और बारीकी समझाई। साथ ही साथ कार्यक्रम की अध्यक्षता अरवाना शॉपिंग सेंटर कि प्रमोटर श्रीमती कनीज़ फातिमा ने की प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सभी प्रतिभागियों को अपनी कला जरिये दुनिया को अपने ख़यालो का जहान रंगों मे उकरेने के लिए प्रेरित किया।
इस प्रतियोगिता में बनाये गये कई चित्र तो सजीव हो अपनी कहानी खुद ही बयां कर रहे थे। चित्रो में कही नकाब में बन्द और तो किसी की कैद आवाज़ थी तो कही पर हाथ में कलम और तलवार लिये खडी क्षत्राणी, कही गाँव में औरत की छवि थी तो कही पर आसमां को छुती औरत जैसे चित्रों से औरत के वास्तविक स्वरूप को दिखाया गया।
भाग लेने वाले छात्रों को दो केटेगरी में बांटा गया जूनियर केटेगरी में कक्षा 5 से 8 के छात्र थे और सीनियर केटेगरी में कक्षा 9 से 12 के। जूनियर केटेगरी में प्रथम स्थान पर हर्षिता डांगी, द्वितीय स्थान पर मान्या टिबरेवाल और तृतीय स्थान पर दिया सोनी रही। साथ ही प्रदीप कुमार, माहि माली और दक्ष जगेतिया को सांत्वना पुरुस्कार दिया गया। सीनियर केटेगरी में निशा औदिच्य प्रथम, कनिषा माथुर द्वितीय और राहुल मीना तृतीय स्थान पर रहे। इसी ग्रुप में दिया मेहता, मोहम्मद तापिया, किरण सुलाया को सांत्वना पुरुस्कार दिया गया।
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इस आयोजन को सफल बनाने में अरवाना शॉपिंग सेंटर की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। साथ ही अश्फ़ाक़ नूर ख़ान, अब्दुल मुबिन खान, रेखा सिसोदिया, अगस्त्य हार्दिक, राघव गुर्जरगौर, आकांक्षा, ऋषभ यादव का भी अतुलनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
नाट्यांश के सह-संस्थापक अब्दुल मुबिन खान ने बताया की राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव मे कला क्षेत्र के आयोजन किये जा रहे है जिसमें क्रमशः कहानी पाठ, कविता पाठ, नुक्कड़ नाटक, ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता, ऑन द स्पॉट चित्रकला प्रतियोगिता, पूर्णाकी नाटक एवं विभिन्न कला प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है।
छठे राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव अल्फ़ाज़ 2018 में पूर्णांकि नाटको का मंचन भारतीय लोक कला मंडल के प्रेक्षागार में 30 नवम्बर से 03 दिसम्बर तक सांयः 6:30 बजे किया जायेगा किसमे सभी दर्शको का प्रवेश निशुल्क रहेगा।