मूकाभिनय कार्यशाला आज से
शहर की सांस्कृतिक संस्था “मार्तण्ड फाऊँडेशन” आज से पंद्रह दिवसीय मूकाभिनय कार्यशाला महाराष्ट्र भवन, भूपालपुरा में आयोजित कर रही है। बच्चों, किशोरों और युवाओं में रंगमंच की इस विशेष विधा का परिचय कराने और प्रस्तुति देने लायक बनाने की मंशा से आयोजित इस कार्यशाला में आंगिक, आहार्य और सात्विक अभिनय पर विशेष ज़ोर दिया जायेगा।
शहर की सांस्कृतिक संस्था “मार्तण्ड फाऊँडेशन” आज से पंद्रह दिवसीय मूकाभिनय कार्यशाला महाराष्ट्र भवन, भूपालपुरा में आयोजित कर रही है। बच्चों, किशोरों और युवाओं में रंगमंच की इस विशेष विधा का परिचय कराने और प्रस्तुति देने लायक बनाने की मंशा से आयोजित इस कार्यशाला में आंगिक, आहार्य और सात्विक अभिनय पर विशेष ज़ोर दिया जायेगा।
महाराष्ट्र समाज, उदयपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में वरिष्ठ रंगकर्मी और मूकाभिनय निर्देशक विलास जानवे रोज़ सुबह 7 बजे से 9 बजे तक प्रशिक्षण देंगे। महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष सतीश सायखेडकर ने बताया कि विलास जानवे को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से मूकाभिनय कला में वर्ष 2000 में सीनियर फेलोशिप प्राप्त हुई है और अपनी विशिष्ठ शैली के लिए देश में जाने जाते हैं।
