बिना टिकट वाले यात्रियों का कन्फर्म टिकट पर हुआ कब्जा, अब रेलवे करेगा परिवार का भुगतान
Udaipur Times, Railway Compensation: ट्रेन में कन्फर्म टिकट होने के बावजूद अगर यात्री को अपनी रिजर्व सीट के लिए दूसरे यात्रियों से बार-बार कहना पड़े, तो सफर का अनुभव खराब हो जाता है। केरल के एक परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। परिवार की कन्फर्म रिजर्व बर्थ पर दूसरे यात्रियों ने कब्जा कर लिया था और पूरे कोच में अनरिजर्व्ड यात्रियों की भीड़ थी।
परिवार ने इस मामले की शिकायत रेलवे से की, लेकिन जब मामला कंज्यूमर कमीशन तक पहुंचा तो रेलवे को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। आयोग ने रेलवे को परिवार को कुल 75,000 रुपये देने का आदेश दिया है।
रिजर्व बर्थ पर दूसरे यात्रियों ने किया था जबरन कब्जा
मामला केरल का है, जहां एक परिवार ने ट्रेन में कन्फर्म टिकट के साथ यात्रा की थी। परिवार के पास रिजर्व सीट होने के बावजूद उनके कोच में काफी संख्या में अनरिजर्व्ड यात्री मौजूद थे। इससे परिवार को अपनी बर्थ पर बैठने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि परिवार के लिए कोच में चलना-फिरना और यहां तक कि वॉशरूम जाना भी मुश्किल हो गया। इसके बाद परिवार ने मामले की शिकायत रेलवे से करने का फैसला किया।
Rail Madad ऐप पर दर्ज कराई शिकायत
परिवार ने रात के समय Rail Madad ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में S6 कोच में अनरिजर्व्ड यात्रियों की भीड़ और टिकट जांच नहीं होने की बात कही गई।
रेलवे की ओर से आयोग के सामने बताया गया कि उसके कर्मचारियों ने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की थी। रेलवे ने दावा किया कि अलग-अलग स्टेशनों पर बिना अनुमति यात्रा कर रहे यात्रियों को कोच से हटाया गया।
हालांकि, रेलवे इस कार्रवाई के समर्थन में आयोग के सामने पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका।
तस्वीरों और शिकायतों को माना अहम सबूत
परिवार ने कोच में मौजूद भीड़ की तस्वीरें भी पेश की थीं। कंज्यूमर कमीशन ने इन तस्वीरों के साथ Rail Madad पर दर्ज शिकायतों को भी अहम सबूत माना।
आयोग ने माना कि कन्फर्म रिजर्वेशन होने के बावजूद परिवार को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव नहीं मिल सका। यात्रियों को अपनी रिजर्व बर्थ का उचित इस्तेमाल करने में परेशानी हुई और कोच में अत्यधिक भीड़ की वजह से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।
रेलवे को देना होगा 75 हजार रुपये
मामले की सुनवाई के बाद पालक्काड जिला कंज्यूमर कमीशन ने रेलवे को परिवार को 50,000 रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया। इसके अलावा 25,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने को कहा गया है।
इस तरह परिवार को रेलवे की ओर से कुल 75,000 रुपये मिलेंगे। रेलवे को यह भुगतान करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है। आदेश के मुताबिक, भुगतान में देरी होने पर रेलवे को हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
जाने अगर आपकी रिजर्व सीट पर कोई कब्जा करे तो क्या करें?
ट्रेन में कन्फर्म रिजर्वेशन होने के बावजूद अगर कोई दूसरा यात्री आपकी सीट पर कब्जा कर ले या कोच में अनरिजर्व्ड यात्रियों की वजह से परेशानी हो, तो तुरंत रेलवे में शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।
यात्री Rail Madad ऐप के जरिए शिकायत कर सकते हैं। शिकायत का नंबर और उसका स्क्रीनशॉट संभालकर रखें। इसके साथ ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ नंबर, यात्रा की तारीख और समय जैसी जानकारी भी सुरक्षित रखें। स्थिति सुरक्षित हो तो भीड़ या संबंधित समस्या की फोटो या वीडियो भी सबूत के तौर पर रखी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर TTE या रेलवे के संबंधित कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी दें। आगे शिकायत या कानूनी कार्रवाई की स्थिति में ये दस्तावेज और शिकायत रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।