पटवारी को 50 हज़ार की रिश्वत लेने की इलज़ाम में पकड़ा
उदयपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने यु.आई.टी में कार्यरत एक पटवारी को 50,000 रूपये की रिश्वत लेने के मामले में आज गिरफ़्तार किया। पटवारी के साथ उसके तीन साथियों को भी हिरासत में लिया गया है।
उदयपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने यु.आई.टी में कार्यरत एक पटवारी को 50,000 रूपये की रिश्वत लेने के मामले में आज गिरफ़्तार किया। पटवारी के साथ उसके तीन साथियों को भी हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार पटवारी कैलाश जैन ने टेकरी निवासी प्रेम शंकर नागदा से उसकी ज़मीन पर मकान बनाने की अनुमति के लिए रिश्वत मांगी थी, जिसपर नागदा ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की। ब्यूरो के अधिकारीयों ने कल रात कैलाश जैन के बताये स्थान पर नागदा को 50 हज़ार रूपये ले कर भेजा था पर जैन खुद वहां न आकर अपने तीन साथियों अजित जैन, अशोक जैन और शिखर जैन को रिश्वत की राशि लेने भेजा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तीनों को गणपति प्लाजा, मुखर्जी चोक से रंगे हाथो पकड़ा।
मुख्य आरोपी कैलाश जैन ने आज सुबह कोर्ट चौराहे स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दफ्तर में आत्म समर्पण किया।
प्रेमशंकर नागदा ने बताया कि उसकी भूमि पर उसने यु.आई.टी से अनुमति लेकर 29 अप्रेल 2011 को कार्य शुरू करवाया था जिसपर उसके पड़ोसी ने शिकायत यु.आई.टी में कर दी, उस समय से नागदा ने जमीन पर कार्य रुकवा दिया था। 1 जनवरी 2013 को नागदा ने पुनः कार्य शुरू करवाया, जिसपर पटवारी कैलाश जैन ने 2 लाख रिश्वत मांगी थी अंत में दोनों के बीच 50 हजार रूपए देना तय हुआ था।
एसीबी की टीम में राजीव जोशी, सुन्दरलाल, जितेन्द्र सनाढ्य, मुनीर खान, अक्तर खान, दिनेश मीणा, सलेन्द्र, शामिल थे।
