लोग उड़ाते थे मजाक ! पहले अटेंप्ट में क्रैक किया UPSC, साधारण परिवार से निकलकर तेजस्वी बनी IPS अफसर

 | 
लोग उड़ाते थे मजाक ! पहले अटेंप्ट में क्रैक किया UPSC, साधारण परिवार से निकलकर तेजस्वी बनी IPS अफसर 

Udaipur Times, New Delhi : कहते हैं कि सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। कई बार मंजिल तक पहुंचने से पहले लोगों के ताने और सवाल भी सुनने पड़ते हैं। महाराष्ट्र की तेजस्वी सतपुते की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जब उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया तो कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। लेकिन तेजस्वी ने इन बातों का जवाब बहस करके नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और सफलता से दिया।

खास बात यह है कि उन्होंने LLB की पढ़ाई के दौरान ही UPSC का पहला प्रयास दिया और परीक्षा में सफलता हासिल की। आज तेजस्वी सतपुते IPS अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं और पुणे में अफसर हैं।

 पहले अटेंप्ट में क्रैक किया UPSC

साधारण परिवार से शुरू हुआ सफर

तेजस्वी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के सेवगांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार सामान्य पृष्ठभूमि से आता है। उनकी मां प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका रही हैं, जबकि उनके पिता खेती करते थे और बाद में व्यवसाय से भी जुड़े।

बचपन में तेजस्वी का सपना पायलट बनने का था। हालांकि, परिस्थितियों के चलते वह इस दिशा में आगे नहीं बढ़ सकीं। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और आगे चलकर कानून की पढ़ाई यानी LLB करने का फैसला किया।

 पहले अटेंप्ट में क्रैक किया UPSC

LLB के दौरान  शुरू की UPSC की तैयारी

तेजस्वी ने LLB की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था। एक तरफ कानून की पढ़ाई और दूसरी तरफ UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी, दोनों को साथ लेकर चलना चुनौतीपूर्ण था।

जब उन्होंने UPSC को अपना लक्ष्य बनाया तो आसपास के कई लोगों ने उनके फैसले पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने मजाक भी उड़ाया और उन्हें लगा कि वह इस परीक्षा को पास नहीं कर पाएंगी।

लेकिन तेजस्वी ने लोगों की बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित रखा और लगातार मेहनत करती रहीं।

 पहले अटेंप्ट में क्रैक किया UPSC

पहले ही प्रयास में मिली सफलता

तेजस्वी की मेहनत का नतीजा यह रहा कि उन्होंने LLB की पढ़ाई के दौरान ही UPSC का पहला अटेंप्ट दिया और उसे क्रैक कर लिया। पहली कोशिश में मिली यह सफलता उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी।

उन्होंने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी सही दिशा में की जाए तो परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।

तानों का जवाब सफलता से दिया

तेजस्वी की कहानी का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि उन्होंने लोगों के तानों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। जब लोग उनके UPSC चुनने पर मजाक उड़ाते थे, तब उन्होंने बहस करने के बजाय अपनी मेहनत जारी रखी।

आखिरकार उनकी सफलता ने उन सभी सवालों का जवाब दे दिया। आज वही तेजस्वी सतपुते IPS अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं।

युवाओं के लिए उनकी कहानी बनी प्रेरणा

तेजस्वी सतपुते की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने लक्ष्य को लेकर दूसरों की बातों से परेशान हो जाते हैं। उनकी सफलता बताती है कि लोगों की राय बदलने से ज्यादा जरूरी है अपने लक्ष्य पर भरोसा रखना और लगातार मेहनत करते रहना। 

तेजस्वी ने UPSC को लेकर उड़ाए गए मजाक का जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि सफलता हासिल करके दिया और आज उनकी कहानी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की मिसाल बन चुकी है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News