लोग सेल्फी ले रहे थे, वह बचा रही थी
लोगो पर आजकल सेल्फी लेने वीडियो बनाने का भूत इस कदर सवार है की कही भी कोई दुर्घटना हो या हादसा हो यो कोई डूबकर मर रहा हो उसे बचाने की बजाय लोग वीडियो बनाने में व्यस्त रहते है ताकि वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल सके। लेकिन कुछ लोग तुरंत पीड़ित की सहायता के लिए तत्पर रहते है। ऐसा ही एक नज़ारा कल फतेसागर पर दिखा जहाँ लोग डूबते व्यक्ति का वीडियो बना रहे थे वहीँ पर एक जांबाज़ बेटी ने बिना पल गंवाए तुरंत झील में कूद पड़ी और डूबते हुए व्यक्ति को बाहर निकाला।
लोगो पर आजकल सेल्फी लेने वीडियो बनाने का भूत इस कदर सवार है की कही भी कोई दुर्घटना हो या हादसा हो या कोई डूबकर मर रहा हो उसे बचाने की बजाय लोग वीडियो बनाने में व्यस्त रहते है ताकि वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल सके। लेकिन कुछ लोग तुरंत पीड़ित की सहायता के लिए तत्पर रहते है। ऐसा ही एक नज़ारा कल फतेसागर पर दिखा जहाँ लोग डूबते व्यक्ति का वीडियो बना रहे थे वहीँ पर एक जांबाज़ बेटी ने बिना पल गंवाए तुरंत झील में कूद पड़ी और डूबते हुए व्यक्ति को बाहर निकाला।
दरअसल कल संडे की छुट्टी होने की वजह अमूमन काफी तादाद में लोग फतेहसागर तफरीह करने आते है। शाम आठ बजे पाल की छतरी पर कुछ लोगो का हुजूम इकठ्ठा होकर पानी में देख रहा था और कुछ लोग वीडियो बना रहे थे, 20 वर्षीया सुनीता चौबीसा भी अपने मित्र महेश के साथ फतेहसागर पर वाकिंग कर रही थी, उन्होंने देखा की एक आदमी पानी में डूब रहा है तो उसने बिना पल गंवाए पानी में छलांग लगा दी और अपने जान पर खेलकर डूबते हुए आदमी को पानी से बाहर निकाला। बाद में मौके पर एम्बुलेंस पहुंची और और उस आदमी को अस्पताल पहुँचाया गया।
“मैं अपने फ्रेंड के साथ फतेहसागर पर वाकिंग कर रही थी तो देखा की एक आदमी पानी में डूब रहा है और लोग उसको बचाने की बजाय उसकी फोटो और वीडियो बना रहे है तो मुझे लगा की उसे बचाना चाहिए और मैं कूद पड़ी और उसे पानी से बाहर निकाल लाई” – सुनीता चौबीसा
उदयपुर टाइम्स के साथ बातचीत में सुनीता ने बताया की जब वह पानी में कूदकर उस व्यक्ति को बचा रही थी तब किसी ने उसकी मदद नहीं की, चूँकि सुनीता एक अच्छी तैराक है इसलिए उसने उस व्यक्ति की टाँगे पकड़कर उल्टा तैरकर उसे किनारे पर ले आई तब लोगो ने उस आदमी को खींच कर बाहर निकाला
Interview with Sunita Choubisa
सुनीता का यह भी कहना है की उदयपुर जो की लेकसिटी के नाम से जाना जाता है और यहाँ पर टूरिस्ट भी झील का भ्रमण करने आते रहते है ऐसे में झीलों पर एक रेसक्यू टीम अवश्य तैनात करनी चाहिए और लोगो को भी मौके पर फोटो और वीडियो बनाने की बजाय तुरंत पीड़ित की सहायता करनी चाहिए।
आसपुर निवासी 20 वर्षीया सुनीता चौबीसा जो की मोहन लाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में एमएससी की छात्रा है और एनसीसी की नेवल यूनिट की कैडेट भी रह चुकी है। सुनीता ने दो वर्ष पूर्व भी आत्महत्या की मंशा से पानी में कूदी महिला की जान बचाई थी, इसके लिए उन्हें लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ द्वारा ‘रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड‘ से नवाज़ा जा चूका है। उदयपुर टाइम्स.कॉम सुनीता के जज़्बे और होंसले की कद्र करते हुए उनको सेल्यूट करता है।
