हरियाणा में पैट एनिमल मेडिकल सेंटर का होगा आधुनिकीकरण, उन्नत जांच सुविधाएं होंगी उपलब्ध
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंचकूला स्थित पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत सेंटर में उन्नत जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद तथा अस्पताल भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा।
ये निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की आठवीं बैठक में लिए गए। बैठक में विशेष पशु चिकित्सा उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
शासी परिषद ने इस चिकित्सा केंद्र में पशुओं के हृदय की कार्यप्रणाली की जांच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम मशीन तथा कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की त्वरित जांच की सुविधाएं शुरू करने को मंजूरी दी है। त्वरित जांच किट की खरीद के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।
परिषद ने वर्ष 2009 से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे इस पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण को भी मंजूरी दी है। अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक पहुंच आसान बनाने, विशेषकर बड़े, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं के लिए 10 व्यक्तियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहली मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा एवं जांच इकाइयों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 25 लाख रुपये की लागत से एक नई पशु एम्बुलेंस खरीदने को भी मंजूरी दी गई। इस एम्बुलेंस में वातानुकूलित केबिन, आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं, विभिन्न शारीरिक मानकों की निगरानी करने वाले उपकरण, स्ट्रेचर तथा नसों के माध्यम से तरल पदार्थ देने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
बढ़ी हुई सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए परिषद ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इनमें दो एनिमल अटैंडेंट अथवा बहुउद्देशीय कर्मचारी, एक अकाउंटेंट-कम-स्टोरकीपर, तीन सुरक्षा कर्मी तथा एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन कर्मचारियों से विशेष उपचार इकाइयों के संचालन, वित्तीय एवं भंडार संबंधी रिकाॅर्ड के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
सेंटर के कामकाज की समीक्षा करते हुए शासी परिषद ने कहा कि पंचकूला स्थित यह केंद्र हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पशु चिकित्सा रेफरल केंद्र के रूप में उभरा है।
पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि केंद्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 24,401 बाह्य रोगी मामलों का उपचार किया गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह संख्या 23,056 और वर्ष 2023-24 में 21,129 थी। प्रयोगशाला जांच की संख्या वर्ष 2023-24 में 3,267 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,407 हो गई। इसी अवधि में एक्स-रे जांच की संख्या भी 1,625 से बढ़कर 1,901 हो गई।
चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त, 2026 तक के पहले पांच महीनों के दौरान केंद्र में गली कुत्तों सहित कुल 11,106 बाह्य रोगी मामले दर्ज किए गए। इस अवधि में 101 सर्जरी की गईं तथा 1,807 प्रयोगशाला जांच, 870 एक्स-रे जांच और 105 अल्ट्रासाउंड जांच की गईं।
बैठक में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने, कर्मचारियों की तैनाती एवं ड्यूटी व्यवस्था को बेहतर बनाने और अस्पताल के संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के पर भी विचार-विमर्श किया गया।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, किफायती दवाओं, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षित सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता से पंचकूला का यह केंद्र आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुलभ एवं गुणवत्तापरक पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।