पीएच.डी. कर करे विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला आयोजित

शिक्षा संकाय मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय उदयपुर के तत्वावधान में दस दिवसीय “शोध प्रक्रिया” पर पीएच.डी. कर करे विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध परिषद, नई दिल्ली के सचिव प्रो. रमेश दाधीच ने कहा कि राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्रा, अर्थशास्त्रा, वाणिज्य, प्रबंध आदि विषयों में शोध को बढ़ावा देने एवं शोध को तार्किक स्तर तक पहुँचाने की तकनीकों की जानकारी के लिए परिषद इस प्रकार की कार्यशालाएं देश के समस्त विश्वविद्यालयों में आयोजित कर रही है।

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पीएच.डी. कर करे विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला आयोजित

शिक्षा संकाय मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय उदयपुर के तत्वावधान में दस दिवसीय “शोध प्रक्रिया” पर पीएच.डी. कर करे विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध परिषद, नई दिल्ली के सचिव प्रो. रमेश दाधीच ने कहा कि राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्रा, अर्थशास्त्रा, वाणिज्य, प्रबंध आदि विषयों में शोध को बढ़ावा देने एवं शोध को तार्किक स्तर तक पहुँचाने की तकनीकों की जानकारी के लिए परिषद इस प्रकार की कार्यशालाएं देश के समस्त विश्वविद्यालयों में आयोजित कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत में शोध का स्तर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले कमजोर है एवं भारत में सामाजिक समस्याओं के नवीन आयामों पर शोध की दिशा भी नहीं है। आर्थिक उदारीकरण एवं वैश्वीकरण में भारत की प्रगति का आधार शोध ही होगा।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. आई.वी. त्रिवेदी ने कहा है हमारा विश्वविद्यालय आदिवासियों के सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं के अध्ययन तथा शोध पर विशेष कार्य कर रहा है।

कार्यशाला निदेशक प्रो. कैलाश सोडानी ने शोधार्थियों को बतलाया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के भारत-2020 के सपनों को साकार करने हेतु विकास उन ऊँचाईयों तक पहुँचने के लिए शोध की गम्भीरता महत्वपूर्ण है।

भारत की अपनी विशेष सामाजिक संरचना में पाश्चात्य शोध की नकल करना सही नहीं है वरन हमारे प्राचीन साहित्य, संस्कृति एवं सामजिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए शोध को नये आयाम देकर विश्व का मार्गदर्शन करें।

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