दुर्गेश भट्ट को पीएचडी की उपाधि
ध्मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय द्वारा शहर के राजश्री कॉलोनी निवासी दुर्गेश भट्ट को ष्नासिरा शर्मा की कहानियों में आधुनिकता बोधष् विषय पर विद्या वाचस्पति की उपाधि प्रदान की है।

ध्मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय द्वारा शहर के राजश्री कॉलोनी निवासी दुर्गेश भट्ट को ष्नासिरा शर्मा की कहानियों में आधुनिकता बोधष् विषय पर विद्या वाचस्पति की उपाधि प्रदान की है।
इन्होंने अपना शोध श्री गोविन्द गुरु राजकीय महाविद्यालय बांसवाड़ा के हिन्दी व्याख्याता डॉण्मनोज पंड्या के निर्देशन में पूर्ण किया। इन्होंने अपने शोध द्वारा प्रतिपादित किया कि नासिरा शर्मा की कहानियों में व्यापक वैश्विक परिदृश्य जो उनका आंखो देखा सत्य भी है महत्वपूर्ण और प्रमाणिक रूप में है। इन्होंने नासिरा जी के नौ कहानी संग्रहों की कहानियों में आधुनिकता बोध के विभिन्न पहलुओं का विश्लेष्णात्मक अध्ययन किया है।
आज के मनुष्य के संवेदनहीन बुत में परिवर्तित होते जाने से लेकर व्यवस्था की यंत्रणा तक अस्मिता की तलाश से लेकर बगावत के तेवर तकए ईरान और अफगानिस्तान की क्रांति में इंसानी संघर्ष की त्रास्दी से लेकर सत्ता की तानाशाही तकए ईजरायल और फिलीस्तीन के नस्लीय संघर्ष से लेकर अनाथ बच्चों के श्रमसाध्य जीवन तकए विस्थापित लोगों की पीड़ा से लेकर आधुनिक चुनौतियों एवं समस्याओं तक आदि अनेक समसामयिक संदर्भ उनकी कहानियों के सामाजिक सरोकार को प्रस्तुत करते हैं।
सामाजिक संदर्भों से जुड़ने तथा आधुनिकता बोध को अभिव्यक्ति देने एवं इन कहानियों के माध्यम से विभिन्न परिस्थितयों के प्रति सजग करने के दायित्व बोध के कारण नासिरा जी की कहानियां अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा प्रस्तुत शोध इन्ही बंधुओं की गहनता एवं अवदान का विश्लेषणात्मक अध्ययन है।