फूलकंवर का संथारा सलेखना पूर्ण

श्रीमती फूलकुंवर तेलसरा ने पांच दिन पूर्व आचार्य महाश्रमण की विदुषी शिक्षा साध्वी विद्यावती द्वितीय से ईच्छा मृत्यु का वरण करते हुए संथारा का संकल्प किया।

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फूलकंवर का संथारा सलेखना पूर्ण

श्रीमती फूलकुंवर तेलसरा ने पांच दिन पूर्व आचार्य महाश्रमण की विदुषी शिक्षा साध्वी विद्यावती द्वितीय से ईच्छा मृत्यु का वरण करते हुए संथारा का संकल्प किया।

प्रात: 10 बजे तपोमूर्ति मुनि श्री पृथ्वीराज जी, मुनि अजय प्रकाश जी, साध्वी मधुलता जी, साध्वी समिति प्रभा जी की उपस्थिति में संथारा पूर्ण कर अशोक नगर स्थित प्रकाश बाबेल निवास स्थल पर अंतिम सांस ली।

अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे अशोक नगर स्थित निवास स्थल से डोली में प्रस्थान हुई। तेरापंथी सभा के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने बताया कि डोल यात्रा में सबसे आगें बैण्ड उसके पीछे नारे लगाते हुए पुरूष उसके बाद टे्रक्टर में श्रीमती फूलकंवर की डोली तथा महिलाएं गीत गाते हुए बडी संख्या में चल रही थी।

सैकडों की तादात में श्रावक-श्राविकाएं अशोक नगर से मुख्य मार्ग होते हूए शास्त्री सर्कल, मोक्षमार्ग होते हुए मोक्षधाम पहुंची। जहां कमल, प्रकाश, हर्षित व अंकित बाबेल तथा करण सिंह, उम्मेद सिंह, शांतिलाल, गणेश, इन्द्रजीत व सुनील तलेसरा ने मुखाग्नी दी।

उससे पूर्व तेरापंथी सभा उदयपुर की ओर से शांतिलाल सिंघवी, राजकुमार फत्तावत, सूर्यप्रकाश मेहता, अर्जुन खोखावत, छगन लाल बोहरा, ओमप्रकाश खोखावत, गणेश डागलिया, तेयुप अध्यक्ष अभिषेक पोखरना, मंत्री अजित छाजेड, दीपक सिंघवी, विनोद माण्डोत आदि ने पछेवडी ओडा कर तथा माल्यार्पण कर समाज द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। डोल यात्रा में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, चेम्बर अध्यक्ष पारस सिंघवी, अणुव्रत समिति अध्यक्ष गणेश डागलिया, कन्हैयालाल कोठारी, श्रीमती प्रणिता तलेसरा आदि गणमान्य लोग सम्मिलित थे ।

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