राजस्थान में पहली बार ज्योतिष विभाग में प्लेसमेंट
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय के संघटक माणिक्य लालवर्मा श्रमजीवी महाविधालय परिसर में संचालित ज्योतिष एवं वास्तु संस्थान, उदयपुर की ओर से सोमवार को गणेशास्पीक.कॉम के विजय जैन, कार्मिकप्रमुख एवं ज्योतिषविद् धर्मेश भाई जोशी ने गणेशास्पीक. कॉम के बारे में जानकारी दी।

जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय के संघटक माणिक्य लालवर्मा श्रमजीवी महाविधालय परिसर में संचालित ज्योतिष एवं वास्तु संस्थान, उदयपुर की ओर से सोमवार को गणेशास्पीक.कॉम के विजय जैन, कार्मिकप्रमुख एवं ज्योतिषविद् धर्मेश भाई जोशी ने गणेशास्पीक. कॉम के बारे में जानकारी दी।
केम्पस प्लेसमेंट में 5 विद्यार्थियों का चयन किया गया तथा द्धितीय चयन के लिए उन्हें अहमदाबाद बुलाया गया। वेदिक गणित के आधार पर आधुनिक तकनीकी काप्रयोग करते हुए ज्योतिषिय भविष्यवाणियॉ करना तथा सभी ज्योतिषियों को एक मंच पर एकत्रित करना इनकी कम्पनी का मुख्य उद्देश्य है ।
इसके अलावा शेयरबाजार, फिल्म उधोग, राजनीति, उधोग ,खेलकूद के क्षेत्र में सटिक भविष्यवाणियॉ करना और ज्योतिष संबंधी इन कार्यो को करने हेतुकम्पनी के पासकुशल ज्योतिषियों की एक टीम कार्यरत है । समय -समय पर कम्पनी मुख्यतया ज्योतिष से संबंधित विषयों पर पुस्तक प्रकाशन, विभिन्न पत्रिकाओं में समय-समय परवेेदिक गणित के आधार पर ज्योतिषिय भविष्यवाणी करने जैसी गतिविधियों को आयोजित करती है।
विजय जैन ने बताया कि गणेशास्पीक.कॉम की स्थापना अप्रेैल, 2003 में हेमांगभाई पंडित जो कि अभियांत्रिकी विधुत में स्नातक है और विश्वविख्यात ज्योतिषी बेजानदारुवाला ने अपने ज्योतिषिय दृष्टिकोण को रखकर इस कम्पनी की स्थापना की और ज्योतिषको आधुनिकतकनीक के साथ जोडकर इस पर कार्य प्रारंभ किया।
इसके साथ ही धर्मेशभाई ने यह बताया कि आज का युगमोबाईल / मीडिया आधारित है ओर प्रत्येक जातक अपनी समस्या का हल जल्दी सेजल्दी चाहता है इसलिए वेजन संचार अनेकांे माध्यम जैसे पत्रिकाएॅ, वेब, मीडिया, और रेडियो आदि को आधार बनाया है ।
विभागाध्यक्ष डॉ. अलकनन्दा शर्मा की अध्यक्षता में हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में प्रोफेसर सुमन पामेचा , डॉ. मंजूमांडोत, निदेशक, हरीश्चन्द्र शर्मा, डॉ.षक्तिकुमार षर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए।
