घर बनवाने का हैं प्लान ? पहले जानिए ईंट, सीमेंट, सरिया और बजरी में किस पर होगा सबसे ज्यादा खर्च

 | 
घर बनवाने का हैं प्लान ? पहले जानिए ईंट, सीमेंट, सरिया और बजरी में किस पर होगा सबसे ज्यादा खर्च 

Udaipur Times, Cost to build a house : अगर आप 100 गज (करीब 900 वर्ग फुट) के प्लॉट पर दो कमरे का घर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले निर्माण सामग्री और कुल खर्च का अनुमान जान लेना जरूरी है। मकान बनाने की लागत कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे डिजाइन, निर्माण की गुणवत्ता, स्थानीय मजदूरी और निर्माण सामग्री के दाम। हालांकि, एक सामान्य अनुमान के आधार पर लागत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कितना लगेगा सरिया?

घर की मजबूती के लिए सरिया सबसे अहम निर्माण सामग्री मानी जाती है। इंजीनियर आमतौर पर प्रति वर्ग फुट करीब 4 किलोग्राम सरिया का अनुमान लगाते हैं। इस हिसाब से 100 गज (करीब 900 वर्ग फुट) के एक मंजिला मकान में लगभग 3,200 किलोग्राम (3.2 टन) सरिया लग सकता है।

अगर सरिया की कीमत 65 से 75 रुपये प्रति किलोग्राम मानी जाए, तो इस पर करीब 2 लाख से 2.5 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।

सीमेंट पर कितना खर्च होगा?

निर्माण कार्य में सीमेंट की भी बड़ी मात्रा में जरूरत होती है। एक मंजिला 100 गज के मकान के लिए करीब 400 से 800 बैग सीमेंट लग सकते हैं। यदि एक बैग की औसत कीमत 400 रुपये मानी जाए, तो सीमेंट पर 1.6 लाख से 3.2 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है।

दीवारों के लिए कितनी ईंटें चाहिए?

100 गज के मकान की दीवारें बनाने के लिए आमतौर पर 20,000 से 24,000 ईंटों की जरूरत पड़ती है। क्षेत्र के अनुसार ईंटों की कीमत अलग-अलग हो सकती है। इस हिसाब से ईंटों पर लगभग 1.4 लाख से 1.6 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।

रेत और गिट्टी का खर्च

कंक्रीट और चिनाई के लिए रेत और गिट्टी जरूरी होती है। एक सामान्य अनुमान के अनुसार 100 गज के मकान में रेत: करीब 80 हजार से 1.25 लाख रुपये और गिट्टी (एग्रीगेट): करीब 80 हजार से 1.7 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।

कुल कितना आएगा खर्च?

अगर केवल मकान का बेसिक स्ट्रक्चर (ढांचा) तैयार किया जाता है, तो निर्माण लागत अपेक्षाकृत कम होगी। वहीं प्लास्टर, फ्लोरिंग, पेंट, दरवाजे-खिड़कियां, बिजली और प्लंबिंग जैसी फिनिशिंग का काम जोड़ने पर बजट काफी बढ़ जाता है।

सामान्य तौर पर 100 गज के एक मंजिला मकान की पूरी फिनिशिंग सहित लागत करीब 12 लाख से 20 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि, यह लागत शहर, सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन और मजदूरी की दरों के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News