घूमने का बना रहे है प्लान ! ट्रिप पर जाने से पहले बैग में रख लें ये 8 जरूरी चीजें, सफर बनेगा आसान
Udaipur Times, Post-Monsoon Travel Tips : सितंबर और अक्टूबर का महीना घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए काफी अच्छा माना जाता है। मानसून की तेज बारिश धीरे-धीरे कम होने लगती है, पहाड़ों और जंगलों में हरियाली अपने खूबसूरत रंग में नजर आती है और गर्मियों के मुकाबले मौसम भी काफी सुहावना हो जाता है। यही वजह है कि इस दौरान लोग वीकेंड गेटअवे से लेकर लंबी छुट्टियों तक का प्लान बनाने लगते हैं। हालांकि, पोस्ट-मॉनसून ट्रैवल के दौरान मौसम पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होता।
कहीं अचानक बारिश शुरू हो सकती है, तो पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिर सकता है। कई जगह रास्ते अभी भी गीले और फिसलन भरे हो सकते हैं। इसलिए इस मौसम में सिर्फ डेस्टिनेशन चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि स्मार्ट पैकिंग भी बेहद जरूरी है। अगर आप सितंबर-अक्टूबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो बैकपैक में इन 8 चीजों को जरूर जगह दें।
1 वॉटरप्रूफ बैग या रेन कवर
पोस्ट-मॉनसून ट्रिप में सबसे पहले अपने बैग को बारिश से सुरक्षित रखने की तैयारी करें। इसके लिए वॉटरप्रूफ बैकपैक या अच्छी क्वालिटी का रेन कवर जरूर रखें। खासकर अगर आप पहाड़ी, जंगल या ऐसी जगह घूमने जा रहे हैं जहां अचानक बारिश हो सकती है।सिर्फ कपड़ों को ही नहीं, बल्कि मोबाइल, कैमरा, चार्जर, पावर बैंक और जरूरी डॉक्यूमेंट्स को भी पानी से बचाना जरूरी है। इसके लिए बैग में एक छोटा वॉटरप्रूफ पाउच या ड्राई बैग रखना भी काफी उपयोगी हो सकता है।
2 कपड़ों में अपनाएं लेयरिंग का फॉर्मूला
सितंबर के आखिर और अक्टूबर में सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, खासकर पहाड़ी इलाकों में। ऐसे में बैग में बहुत भारी जैकेट रखने के बजाय लेयरिंग का फॉर्मूला ज्यादा काम आता है।आप टी-शर्ट, फुल स्लीव टी-शर्ट, हल्की जैकेट, स्वेटर या शॉल जैसी चीजें रख सकते हैं। लेयरिंग का फायदा यह है कि तापमान के हिसाब से कपड़ों की एक या दूसरी लेयर को आसानी से कम या ज्यादा किया जा सकता है। इससे बैग में अनावश्यक वजन भी नहीं बढ़ता।
3 अच्छी ग्रिप वाले जूते और एक्स्ट्रा सॉक्स
बारिश का मौसम खत्म होने के बाद भी कई जगह मिट्टी और रास्ते गीले हो सकते हैं। अगर ट्रेकिंग, हाइकिंग या नेचर वॉक का प्लान है तो ऐसे जूते चुनें जिनकी ग्रिप अच्छी हो। सिर्फ फैशन देखकर फुटवियर चुनना इस मौसम में परेशानी का कारण बन सकता है।
इसके साथ बैग में कम से कम एक-दो जोड़ी एक्स्ट्रा सॉक्स जरूर रखें। रास्ते में मोजे गीले हो जाएं तो उन्हें बदलना काफी राहत देता है। गीले मोजों को लंबे समय तक पहनने से पैरों में असहजता हो सकती है।
4 छोटी फर्स्ट-एड किट जरूर रखें
ट्रैवल के दौरान छोटी-मोटी चोट या अचानक तबीयत खराब होने की स्थिति में आसपास मेडिकल स्टोर मिलना हमेशा आसान नहीं होता। इसलिए बैग में एक छोटी बेसिक फर्स्ट-एड किट रखना समझदारी है।इसमें बैंड-एड, एंटीसेप्टिक, ORS और जरूरत की व्यक्तिगत दवाइयां रखी जा सकती हैं। अगर आप कोई नियमित दवा लेते हैं तो उसे पर्याप्त मात्रा में साथ रखें। किसी नई दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के लेना सही नहीं है।
5 सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर को न करें नजरअंदाज
बारिश के बाद मौसम ठंडा और सुहावना होने पर कई लोग सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं। लेकिन खुले आसमान के नीचे लंबे समय तक रहने पर UV एक्सपोजर हो सकता है। इसलिए ट्रैवल बैग में SPF वाला सनस्क्रीन जरूर रखें।इसके साथ लिप बाम और मॉइश्चराइजर भी काम आ सकते हैं, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और शुष्क हो सकता है। साथ ही अपनी पानी की बोतल साथ रखें और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
6 पावर बैंक और छोटी टॉर्च रखें
ट्रैवल के दौरान मोबाइल सिर्फ फोटो और वीडियो बनाने के काम नहीं आता। आजकल मोबाइल का इस्तेमाल मैप, टिकट, होटल बुकिंग और इमरजेंसी कॉल के लिए भी होता है। ऐसे में फोन की बैटरी खत्म होना परेशानी खड़ी कर सकता है।
इसलिए पावर बैंक और चार्जिंग केबल को बैग में जरूर रखें। अगर आप किसी ऑफबीट, जंगल या कम आबादी वाले इलाके में जा रहे हैं तो एक छोटी टॉर्च भी काफी काम आ सकती है, खासकर शाम या रात के समय।
7 निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखें
पोस्ट-मॉनसून ट्रिप में पैकिंग के साथ-साथ मौसम की जानकारी लेना भी बेहद जरूरी है। खासकर पहाड़ी इलाकों में निकलने से पहले स्थानीय मौसम का पूर्वानुमान और संबंधित ट्रैवल एडवाइजरी जरूर चेक करें। अगर भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ या सड़क बंद होने जैसी चेतावनी जारी की गई हो तो यात्रा की योजना बदलना बेहतर है। सिर्फ सोशल मीडिया पर किसी जगह की खूबसूरत तस्वीर देखकर वहां का मौसम सुरक्षित मान लेना सही नहीं है।
8 मच्छरों और नमी से बचाव की तैयारी
बारिश के बाद कई इलाकों में मच्छरों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए बैग में मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट रखना उपयोगी हो सकता है। जंगल या ग्रामीण इलाकों में घूमने के दौरान यह खास तौर पर काम आ सकता है। इसके अलावा जल्दी सूखने वाले कपड़े रखें और एक अलग प्लास्टिक बैग या ड्राई बैग साथ रखें, जिसमें गीले कपड़ों को बाकी सामान से अलग रखा जा सके। इससे पूरे बैग में नमी और बदबू फैलने से बचाने में मदद मिलेगी।
छोटी तैयारी से ट्रिप बनेगी ज्यादा आरामदायक
पोस्ट-मॉनसून ट्रैवल का असली मजा तभी लिया जा सकता है जब मौसम की खूबसूरती के साथ उसकी चुनौतियों के लिए भी तैयार रहा जाए। सितंबर-अक्टूबर की यात्रा के लिए बैग में बहुत ज्यादा सामान भरने के बजाय ऐसी चीजें रखें जो बारिश, हल्की ठंड, गीले रास्तों और अचानक बदलते मौसम में काम आएं।वॉटरप्रूफ कवर, लेयरिंग वाले कपड़े, अच्छी ग्रिप वाले जूते, एक्स्ट्रा सॉक्स, फर्स्ट-एड किट, सनस्क्रीन, पावर बैंक और मौसम की जानकारी जैसी छोटी-छोटी तैयारियां आपकी ट्रिप को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बना सकती हैं। खासकर पहाड़ी या ऑफबीट जगहों पर जाने से पहले स्थानीय मौसम और रास्तों की स्थिति की जानकारी लेना न भूलें।