PM कुसुम योजना से होगी सिंचाई के साथ बिजली बेचकर कमाई ! जाने सरकार का नया प्लान ?
Udaipur Times, PM Kusum Yojana : भारत में किसानों के लिए पानी और मिट्टी के साथ-साथ बिजली और ऊर्जा भी बहुत जरूरी है। लेकिन लंबे वक्त से किसानों को सिंचाई के लिए अनियमित बिजली सप्लाई या महंगे डीजल पर निर्भर रहना पड़ता था। इसी समस्या का समाधान करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) शुरू की, जिसका उद्देश्य किसानों को सस्ती, साफ और भरोसेमंद सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
क्या है पीएम कुसुम योजना?
पीएम कुसुम योजना (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan) एक केंद्रीय योजना है जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत किसानों को डीजल पंप और महंगी बिजली से छुटकारा दिलाकर सौर ऊर्जा आधारित पंप और बिजली उत्पादन की सुविधा दी जाती है। इससे किसान खुद बिजली बनाकर उसे सरकार को बेचकर मोटी कमाई कर सकते हैं।
पीएम कुसुम योजना के प्रमुख उद्देश्य
1. किसानों की आय बढ़ाना
किसान अपनी खाली या बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं, जिससे उन्हें नियमित आय मिलती है।
2. ऊर्जा और पानी की सुरक्षा
दिन के समय सोलर पंप से सिंचाई आसान हो जाती है और बिजली कटौती की समस्या खत्म हो जाती है।
3. डीजल पर निर्भरता खत्म करना
कृषि में डीजल का उपयोग कम करके प्रदूषण और खर्च दोनों घटाए जाते हैं।
4. सरकारी सब्सिडी का बोझ कम करना
सौर ऊर्जा से सिंचाई होने पर राज्यों पर बिजली सब्सिडी का दबाव कम होता है।
5. पर्यावरण संरक्षण
फॉसिल फ्यूल की जगह स्वच्छ ऊर्जा अपनाने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
पीएम कुसुम योजना के मुख्य घटक
घटक A: सोलर पावर प्लांट
0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट तक के छोटे प्लांट
किसान, FPO, पंचायत और डेवलपर शामिल
किसान जमीन देकर बिजली बेचकर आय कमा सकते हैं
घटक B: स्टैंडअलोन सोलर पंप
7.5 HP तक के पंप
दूरदराज और बिना बिजली वाले क्षेत्रों के लिए
25 साल तक मुफ्त सिंचाई सुविधा
घटक C: ग्रिड से जुड़े पंप का सोलराइजेशन
मौजूदा बिजली पंपों को सोलर से जोड़ना
अतिरिक्त बिजली DISCOM को बेचने की सुविधा
बिजली बिल में भारी कमी
कितनी मिलेगी सब्सिडी
सामान्य राज्यों में केंद्र सरकार: 30%, राज्य सरकार: 30%, किसान योगदान: 10% और बैंक लोन: 30% तक मिलता है। विशेष राज्यों (पूर्वोत्तर, हिमालयी क्षेत्र आदि) में:कुल सब्सिडी 80% तक पहुंच जाती है।
किसानों को मिलने वाले फायदे
60% तक भारी सब्सिडी
डीजल और बिजली बिल से छुटकारा
25 साल तक स्थायी आय का अवसर
अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई
दिन के समय भरोसेमंद बिजली
सिंचाई में आसानी और बेहतर फसल उत्पादन
खेती की लागत में कमी और कम तनाव
एक अनुमान के अनुसार 5 HP का सोलर पंप हर साल किसानों को लगभग 40,000 रुपये से 60,000 रुपये तक की डीजल बचत करा सकता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता
व्यक्तिगत किसान
किसान समूह और सहकारी समितियां
किसान उत्पादक संगठन (FPO)
पंचायत और जल उपयोगकर्ता समूह
SHG समूह
सोलर डेवलपर (जमीन लीज पर लेकर)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-
MNRE की वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in या राज्य पोर्टल पर जाएं
रजिस्ट्रेशन करें
आवेदन फॉर्म भरें
दस्तावेज अपलोड करें
फॉर्म सबमिट करें
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
जमीन के कागजात
बैंक पासबुक
पासपोर्ट फोटो
बिजली कनेक्शन विवरण
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
सरकार अब योजना के दूसरे चरण की तैयारी कर रही है जिसमें 10 GW एग्रीवोल्टाइक प्रोजेक्ट, बैटरी स्टोरेज सिस्टम, बड़ा बजट (लगभग ₹50,000 करोड़) और बेहतर मॉनिटरिंग सिस्टम है।
