कोचिंग से शिक्षा प्राप्त कर निर्धन छात्रों ने पायी प्रथम श्रेणी
शिक्षा प्राप्त करने के लिए योग्य शिक्षक की जरूरत होती है। यह भी आवश्यक नहीं कि शिक्षा सिर्फ विद्यालय में ही प्राप्त की जाए। यदि सरकारी स्कूल में स्कूल समय के पश्चात कोचिंग के जरिये गरीब तबके के कक्षा 12 वीं के विज्ञान एंव विाणिज्य संकाय के छात्र यदि प्रथम श्रेणी और वह भी 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते है तो यह शिक्षा ग्रहण करने से अधिक शिक्षा प्रदाता के लिए गौरव की बात होती है।
शिक्षा प्राप्त करने के लिए योग्य शिक्षक की जरूरत होती है। यह भी आवश्यक नहीं कि शिक्षा सिर्फ विद्यालय में ही प्राप्त की जाए। यदि सरकारी स्कूल में स्कूल समय के पश्चात कोचिंग के जरिये गरीब तबके के कक्षा 12 वीं के विज्ञान एंव विाणिज्य संकाय के छात्र यदि प्रथम श्रेणी और वह भी 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते है तो यह शिक्षा ग्रहण करने से अधिक शिक्षा प्रदाता के लिए गौरव की बात होती है।
स्वामी विवेकानन्द सेवा न्यास एंव हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सहयोग से शहर एंव ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 15 सरकारी विद्यालयों में एक वर्ष तक मुख्य धारा योजनान्तर्गत चलायी नि:शुल्क कोचिंग के तहत कक्षा 12 वीं के विज्ञान एंव वाणिज्य संकाय के छात्रों ने उत्कृष्ट शैक्षिक प्रदर्शन कर सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
न्यास की मंजुला बोर्दिया ने बताया कि ये वे छात्र है जिनकी माताएं घरों में झाडू, बर्तन करती है एंव पिता मजदूरी करते है। न्यास एंव जिंक ने ऐसे सरकारी स्कूलों का चयन किया जहंा इस प्रकार के छात्र धनाभाव में पर्याप्त शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे थे। ऐसे छात्रों का चयन कर उन्हें उन्हीं के विद्यालय में विद्यालय समय से पूर्व या बाद में अपने स्तर पर उनके लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की। इनमें से कुछ विद्यालय तो ऐसे भी है जहंा सरकार ने शिक्षकों की भी व्यवस्था नहीं कर रखी है। ऐसे में उनके लिए न्यास ने शिक्षकों की भी व्यवस्था की।
न्यास ने बडग़ांव स्थित राजकीय विद्यालय के 19 विद्यार्थिायों को कोचिंग करायी जिसमें से 11 प्रथम श्रेणी तथा 7 द्वितीय श्रेणी में पास हुए और उच्चतम प्राप्तांक75 प्रतिशत रहे। इसी प्रकार भूपालपुरा स्थित राजकीय विद्यालय के 18 छात्रों में से 13 प्रथम, 3 द्वितीय श्रेणी में पास हुए जबकि उच्चतम प्राप्तांक 85 प्रतिशत रहे।
अंबामाता गल्र्स स्कूल में तो बायोलोजी का अध्यापक नहीं था लेकिन न्यास ने अपने स्तर पर बायोलोजी विषय का अध्यापक उपलब्ध कराकर विज्ञान के छात्रों को नियमित शिक्षा के साथ-साथ कोचिंग भी उपलब्ध करायी। बोर्दिया ने बताया कि गत एक दशक से न्यास विभिन्न प्रकार के सेवा कार्य करता आ रहा है कि वह आज सेवा का पर्याय बन चुका है। श्रीमती बोर्दिया ने बताया कि सरकार ने भूपालपुरा गल्र्स स्कूल,अंबामातागल्र्स स्कूल, बड्गांव,सिसारमा,सेक्टर 5 स्थित गल्र्स स्कूल व जगदीश चौक स्थित राजकीय विद्यालयों मे ंविज्ञान एंव वाणिल्य संकाय के शिक्षकों की निुयक्ति नहीं कर रखी है और इसी कारण न्यास ने इन सभी विद्यालयों में अपने स्तर पर विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति कर कर वहंा इन निध्ज्र्ञन बच्चेां को शिक्षा केसाथ-साथ केचिंग भी उपलब्ध करायी।
