जिंक द्वारा जनजातिय क्षेत्र की 25 महिलाओं को जीविकोपार्जन उत्थान हेतु पाॅल्ट्री यूनिट

जावर माइन्स के नेवातलाई, जावर, सिंघटवाडा, टी.डी व कानपुर गाॅंव के जनजातिय क्षेत्र की 25 महिलाओं को उनके पाॅल्ट्री युनिट के अंतर्गत 20 उन्नत नस्ल के चूजे, उनके रखरखाव के लिऐ पिंजरा एंव 25 किलो आहार प्रदान किया गया।  
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मुर्गी पालन कर महिलायें अपने आप को आत्म निर्भर बना सकती है।

हिन्दुस्तान जिंक जावर माइन्स एवं पशुपालन विभाग उदयपुर  के साझा प्रयासों से आत्मा परीयोजना के त्हत जावर माइन्स के सामुदायिक भवन में जनजातिय क्षेत्र की महिलाओं को जीविकोपार्जन उत्थान हेतु पाॅल्ट्री यूनिट प्रदान की गयी। 

जावर माइन्स के नेवातलाई, जावर, सिंघटवाडा, टी.डी व कानपुर गाॅंव के जनजातिय क्षेत्र की 25 महिलाओं को उनके पाॅल्ट्री युनिट के अंतर्गत 20 उन्नत नस्ल के चूजे, उनके रखरखाव के लिऐ पिंजरा एंव 25 किलो आहार प्रदान किया गया।  

इस मौके पर पशुपालन विभाग, उदयपुर से आये पशु चिकित्सा अधिकारी ओमप्रकाश साहु द्वारा महिलाओं को मुर्गी पालन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। 

उन्होंने बताया कि किस तरह मुर्गी पालन कर महिलायें अपने आप को आत्म निर्भर बना सकती है।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ललित जोशी, अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग उदयपुर ने मुर्गी पालन के महत्व के बारे में बताया। 

इस अवसर पर पशुपालन विभाग टी.डी से डाॅ. ज्योति मीणा व जावर के पशु सहायक गोविन्द डामोर भी उपस्थित थे। बायफ की समाधान टीम ने जावर माइन्स क्षेत्र में हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चल रही पशुपालन गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। 

अन्त में हिन्दुस्तान जिंक जावर माइन्स सी.एस. आर टीम  ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में बायफ व मंजरी फाउण्डेशन जावर माइन्स की टीम ने अपना सहयोग प्रदान किया।  

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