हरियाणा में 912 करोड़ से अधिक के बिजली अवसंरचना विस्तार को मिली मंजूरी

 | 
हरियाणा में 912 करोड़ से अधिक के बिजली अवसंरचना विस्तार को मिली मंजूरी

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा में बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता वाली वितरण सुधार समिति (डीआरसी) ने संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत 912.70 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बिजली अवसंरचना कार्यों को मंजूरी प्रदान की है। समिति ने प्रस्ताव को आरडीएसएस की मॉनिटरिंग समिति के विचार एवं अनुमोदन हेतु पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) तथा ऊर्जा मंत्रालय को भेजने की भी स्वीकृति दी है।

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियां देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली यूटिलिटीज में शामिल होकर लाइन लॉस में उल्लेखनीय कमी और परिचालन दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज कर चुकी हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा लागू की जा रही आरडीएसएस परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और हाल के वर्षों में राज्य के बिजली क्षेत्र में हुए परिवर्तन की सराहना की।

समीक्षा के दौरान सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटीएंडसी) लॉस में तीव्र कमी को प्रमुख उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया। डीएचबीवीएन ने 2020-21 के 16.93 प्रतिशत के आधार स्तर से एटीएंडसी लॉस घटाकर 2024-25 में 9.54 प्रतिशत कर दिया है, जबकि यूएचबीवीएन ने इसी अवधि में लॉस को 17.21 प्रतिशत से घटाकर 9.33 प्रतिशत कर दिया। दोनों कंपनियों ने 15.04 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है, जो हरियाणा के बिजली क्षेत्र सुधारों और लॉस कम करने के उपायों की सफलता को दर्शाता है।

ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव, श्रीमती आशिमा बराड़  ने  बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बिलिंग दक्षता 2020-21 के 82.95 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 90.12 प्रतिशत हो गई, जो 87.59 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक से अधिक है। संग्रहण दक्षता लगातार लगभग सौ फीसदी के आसपास बनी हुई है, जो राज्य की बिजली यूटिलिटीज के मजबूत वित्तीय अनुशासन और प्रभावी राजस्व प्रबंधन को दर्शाती है।

अधिकारियों ने समिति को बताया कि आरडीएसएस के तहत डीएचबीवीएन के लिए 5,165.61 करोड़ रुपये और यूएचबीवीएन के लिए 1,527.54 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिससे कुल स्वीकृत व्यय लगभग 6,700 करोड़ रुपये हो गया है। इनमें से 5,071 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि अतिरिक्त परियोजनाएं निविदा और क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। दोनों कंपनियों ने केन्द्र सरकार द्वारा अब तक जारी अनुदान राशि का पूर्ण उपयोग किया है।

नई स्वीकृत 912.70 करोड़ रुपये के पैकेज में पलवल सर्कल (पलवल और नूंह जिलों) में लाइन लॉस कम करने के कार्यों के लिए 169 करोड़ रुपये, 30 नए 33 केवी सबस्टेशन स्थापित करने और 72 मौजूदा सबस्टेशनों के उन्नयन के लिए 414 करोड़ रुपये, तथा हिसार और अन्य शहरों में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (स्काडा) और डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) लागू करने के लिए 329.70 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक, श्री विक्रम सिंह।ने बताया कि इन सबस्टेशन परियोजनाओं से प्रदेश की बिजली वितरण प्रणाली में लगभग 1,175 एमवीए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ेगी, जिससे घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए नेटवर्क अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगा। स्काडा और डीएमएस परियोजनाओं से बिजली नेटवर्क की वास्तविक समय निगरानी और प्रबंधन संभव होगा, जिससे खराबी का शीघ्र पता लगाने, आपूर्ति बहाली में तेजी लाने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार करने में मदद मिलेगी।

समिति को बताया गया कि चल रहे आरडीएसएस कार्यों के तहत उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है। यूएचबीवीएन ने स्वीकृत परियोजनाओं में 51 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति और 50 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति दर्ज की है। डीएचबीवीएन ने लाइन लॉस कम करने वाले कार्यों में 40 प्रतिशत से अधिक भौतिक और लगभग 40 प्रतिशत वित्तीय प्रगति हासिल की है। इन परियोजनाओं को 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को अधिक मजबूत, स्मार्ट और विश्वसनीय बिजली वितरण नेटवर्क का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि लाइन लॉस कम करने, बिलिंग एवं संग्रहण दक्षता बढ़ाने और अवसंरचना को सुदृढ़ करने जैसी उपलब्धियों से राज्य को बिजली क्षेत्र सुधारों में अग्रणी बन गया है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News