पिता के सपने को बनाया अपना जुनून, कड़ी मेहनत से UPSC क्रैक कर प्राची ऐसे बनी IAS अफसर
Udaipur Times, UPSC Success Story: कहते है की मेहनत में बहुत बड़ी ताकत होती है जो मेहनत करना जानते है वे एक न एक दिन जरूर कामयाब होते है। आज हम आपके ऐसी ही मेहनत भरी कहानी के बारे में बताने जा रहे है जिसको सुनकर आपको भी लगेगा की जीवन में इतनी कठिनाइयों के बाद भी अगर मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।'
आज हम बात कर रहे है IAS प्राची की, जिनकी मेहनत ने एक कहानी बना दी। IAS प्राची बताती है की बार-बार असफलताओं से निराश हुईं, कईं रातें रोते हुए गुजारी, नींद की गोलियां तक लेनी पड़ी। लेकिन वे फिर खड़ी हुईं, अपनी कमियों से सीखा और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC को जी जान लगाकर पास कर दिया। UPSC Success Story

IAS प्राची ने यूपीएससी परीक्षा में 28वीं रैंक हासिल की। IAS प्राची की सक्सेस स्टोरी आज सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
कौन हैं प्राची?
जानकारी के अनुसार IAS प्राची हनी ने UPSC CSE 2025 में 28वीं रैंक हासिल की थी। यह सफलता उन्हें रातों-रात नहीं मिली थी। लगातार तीन साल असफल रहने के बाद, वे अब IAS हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पादव पोखर लेन 4बी की रहने वाली प्राची हनी के पिता स्कूल प्रिंसिपल हैं, और मां एक टीचर हैं। UPSC Success Story
पिता के सपना जुनून
प्राची से मिली जानकारी के मुताबिक वे बताती है की उन्होंने बचपन से पिता के एक IAS अधिकारी बनने के सपने के बारे में सुना था। लेकिन किन्हीं वजहों से उनका सपना अधूरा रह गया। पिता के उसी सपने को बेटी ने अपना जुनून बना इसे पूरा कर दिखाया।
कॉलेज की पढ़ाई के साथ UPSC
12वीं तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर से करने के बाद, हायर एजुकेशन की पढ़ाई के लिए प्राची दिल्ली चली गईं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कांलिंदी कॉलेज में एडमिशन लिया और भूगोल में बैचलर डिग्री हासिल की। दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। UPSC में भूगोल उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट था। UPSC Success Story

नींद की गोलियां खाईं
जानकारी के अनुसार प्राची बताती हैं कि UPSC एग्जाम क्वालीफाई करने में चार साल और चार प्रयास लगे। शुरुआती तीन परीक्षाओं में वे UPSC प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई थीं। इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा। स्ट्रेस इतना बढ़ गया था कि नींद नहीं आती थी।
एक वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने बताया, 'दूसरे और तीसरे अटेम्प्ट में भी नहीं हुआ तो काफी परेशान हो गई थी। लगा कि अब कुछ नहीं बचा और कॉन्फिडेंस पूरी तरह से टूट गया था। इतनी ज्यादा ओवरथिंकिंग करने लगी थी कि नींद नहीं आती थी। तब डॉक्टर से सलाह पर नींद की गोलियां लीं।' हालांकि वे बताती हैं कि उन्होंने सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही दवाई ली और लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया। UPSC Success Story
4th अटेम्प्ट में पाई 28वीं रैंक
UPSC CSE 2025 उनका चौथा मौका था, जिसमें उन्होंने पहली बार न सिर्फ प्रीलिम्स क्वालीफाई किया, बल्कि मेन्स और इंटरव्यू पास करके पूरे देश में 28वीं रैंक हासिल की। इसी दौरान प्राची ने BPSC 69वीं परीक्षा में 92वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन जॉइन नहीं किया। क्योंकि उनका लक्ष्य UPSC था।
