आलोक संस्थान में धूमधाम से मनाई गई प्रताप जयंती

शहर के हिरणमगरी सेक्टर 11 स्थित आलोक संस्थान के आलोक सी. सै. स्कूल मे गुरुवार को प्रताप जयंति मनाई गई । इस अवसर पर संस्थान द्वारा महाराणा प्रताप ऐकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड 2013 क

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  आलोक संस्थान में धूमधाम से मनाई गई प्रताप जयंती

शहर के हिरणमगरी सेक्टर 11 स्थित आलोक संस्थान के आलोक सी. सै. स्कूल मे गुरुवार को प्रताप जयंति मनाई गई । इस अवसर पर संस्थान द्वारा महाराणा प्रताप ऐकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड 2013 कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विद्यालय के प्राचार्य शशांक टांक ने बताया कि इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आलोक संस्थान के चेयरमेन श्याम लाल कुमावत थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक संस्थान के निदेशक  डॉ. प्रदीप कुमावत ने की। कार्यक्रम की शरुआत मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्जवलन व प्रार्थना के साथ हुई।

अवार्ड कार्यक्रम के दौरान आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने बोलते हुये कहा कि प्रताप जंयति 9 मई को क्यों मनाते है जबकि ज्येश्ठ तृतीया को ही प्रताप जयंति मनाई जाती है। लेकिन ज्येश्ठ तृतीया को स्कूलों में छुट्यिा रहती है। जन्मदिन तो तिथि के हिसाब से मनाया जाता है जबकि प्रताप के जीवन से सम्बंधित घटनाओं को मनाने की जो तिथियां है उनमें कुछ विसंगतियां है।

9 मई महाराणा प्रताप का जन्मदिन है उस आधार पर इसको जयंति के रूप में अगर मनाने की शुरूआत करने वाला यदि कोई है तो वह आलोक संस्थान है। जन्मदिन को जहाँ तिथि से मनाया जा रहा है वहीं पुण्य तिथि को तारिख के हिसाब से मनाया जा रहा है। महाराणा प्रताप की पुण्य तिथि हमेशा 19 जनवरी को ही मनाई जाती है।

ऐसे में जहाँ गर्मी की छुट्यिों में ज्येश्ठ तृतीया आती है तब तक विद्यालयों और महाविद्यालयों में छुट्यिां हो जाती है। ऐसे में महाराणा प्रताप के जीवन का संदेश  जो जन-जन तक पहुँचाने का जो काम या प्रताप हमारे लिये एक आदर्श रूप में और कम से कम मेवाड़ का हर बच्चा महाराणा प्रताप की जयंति मनावें।

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