फतेहसागर से नीमज माता मंदिर तक रोप वे की तैयारी
यूआईटी को वन विभाग से फतहसागर के किनारे से नीमज माता मंदिर तक रोप-वे स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। यूआईटी ने जल्द ही इस प्रोजेक्ट का काम शुरू होने की उम्मीद जताई है।
यूआईटी को वन विभाग से फतहसागर के किनारे से नीमज माता मंदिर तक रोप-वे स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। यूआईटी ने जल्द ही इस प्रोजेक्ट का काम शुरू होने की उम्मीद जताई है।
यूआईटी के चेयरमैन रवींद्र श्रीमाली ने बताया कि फतहसागर किनारे देवाली छोर पर एसआईईआरटी के हॉस्टल के पास से नीमज माता मंदिर की पहाड़ी तक स्थापित होने वाले रोप-वे में वन विभाग की जमीन आ रही है। ऐसे में यहां रोपवे स्थापित करने का काम शुरू करने से पहले वन विभाग की अनापत्ति लेने लखनऊ स्थित ऑफिस प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। वन विभाग ने जो भी कमियां बताई उसको पूरी करने के बाद अब उस प्रस्ताव को वन विभाग की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब वन विभाग ने दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है इसके तहत यूआईटी जमीन की नपती कर वन विभाग को जमीन के बदले भुगतान भी करेगा। वन विभाग ने यूआईटी से यह जानकारी भी मांगी है कि इस प्रोजेक्ट की सीमा में नीमज माता पहाड़ी पर कितने पेड़ आ रहे हैं।
रोप-वे के लिए फतहसागर किनारे देवाली छोर पर एसआईईआरटी की बिल्डिंग के पास लोअर स्टेशन और नीमज माता मंदिर पहाड़ी पर अपर स्टेशन बनेगा। दोनों स्टेशन के बीच की दूरी करीब 420 मीटर की होगी। नीमज माता मंदिर तक रोप-वे स्थापित करने का काम यूआईटी के माध्यम से दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड कंपनी करेगी। टेक्निकल और फाइनेंशियल बीड में इस कंपनी का चयन हुआ था।
उल्लेखनीय है की दूधतलाई क्षेत्र में दीनदयाल पार्क से माछला मगरा स्थित मंशापूर्ण करणी माता मंदिर तक रोप- वे संचालित हो रहा है। नीमज माता मंदिर पहाड़ी पर रोप-वे स्थापित होने से श्रद्धालुओं का सुविधा मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा। इस सुविधा के शुरू होने से फतहसागर की पाल पर पर्यटकों का ठहराव भी ज्यादा देर तक होगा।