हरियाणा के सिरसा जिले में अवैध-कब्जे हटाने की तैयारी ! DC ने जारी किए ये निर्देश
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा के सिरसा जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के सिरसा जिले में तालाबों-जोहड़ों की पंचायत भूमि पर बने अवैध कब्जों को लेकर सरकार के निर्देशों के बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह एक्टिव हो गया है।
जानकारी के अनुसार DC ने सभी तहसीलदारों और उप-तहसीलदारों के माध्यम से जिले की ग्राम पंचायतों से तालाब और जोहड़ों का पूरा राजस्व रिकॉर्ड, खसरा नंबर, रकबा और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तलब की गई है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार पंचायतों को 30 जून 2026 तक यह जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद रिकॉर्ड का मिलान कर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। हालांकि, प्रदेश के CM सैनी भी मीडिया के माध्यम से बयान दे चुके हैं कि तालाब-जोहड़ की जमीन को खाली करवाया जाएगा। शामलात भूमि पर बने मकानों को लेकर नियम बनाए जाएंगे, उसी के तहत कार्रवाई होगी।
हटाए जाएंगे कब्जे
प्रशासन के अनुसार, जिले के कई गांवों में तालाब और जोहड़ों की भूमि पर लोगों ने पशु बांधने, गोबर और कचरा डालने या अन्य निजी उपयोग के नाम पर कब्जा कर रखा है। कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी निर्माण भी कर दिए गए हैं। प्रशासन पहले इन जमीनों का चिन्हीकरण करेगा, जिसके बाद कब्जा हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने आदि कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। Haryana News
जानकारी के मुताबिक यदि किसी स्थान पर पक्का निर्माण पाया गया तो उसे JCB की मदद से हटाया जा सकता है। वहीं, तहसीलदार का कहना है कि अभी तो पंचायतों से रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके बाद जो आदेश आएंगे, उसी अनुसार बीपीपीओ व पंचायत के सहयोग से अगला कदम उठाया जाएगा। Haryana News
दी गई जिम्मेदारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी ग्राम पंचायतों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेज दिए गए हैं और सरपंचों ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरपंच ने गलत जानकारी दी या किसी कब्जाधारी के साथ मिलीभगत कर वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, इस बारे में मुख्यमंत्री ने भी बयान में सख्ती बरतने को कहा था। Haryana News
जोहड़ों की जगह बने मकान
मिली जानकारी के अनुसार जिले के कुछ गांवों में तालाब और जोहड़ों की जमीन पर मकान भी बने हुए हैं। इनमें कई मकान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बताए जा रहे हैं। ऐसे में यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है तो इन परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो सकता है। Haryana News
वहीं, कई जगहों पर वर्षों से गोबर और कचरा डालकर तालाबों को पाट दिया गया, जिससे उनका अस्तित्व लगभग खत्म हो गया है और अब वहां यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि कभी वहां जोहड़ हुआ करता था।
मांगी गई पूरी रिपोर्ट
DC की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक तालाब और जोहड़ का खसरा नंबर, कुल रकबा, राजस्व रिकॉर्ड तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी 30 जून तक भेजी जाए। इसके बाद सरकार और प्रशासन रिकॉर्ड का सत्यापन कर कार्रवाई शुरू करेंगे। Haryana News
मौजूखेड़ा गांव के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन का पत्र प्राप्त हो चुका है। उनके गांव में जोहड़ की जमीन पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं है, फिर भी निर्धारित समय के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी जाएगी।

