जाखम से जयसमंद तक पानी पहुंचाने की तैयारी, उदयपुर संभाग को मिलेगी बड़ी राहत

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Jakham Jaisamand Projest

 

Udaipur Times, Rajasthan Drinking Water Project: भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से यमुना के पानी को राजस्थान में अंतरित करने के लिए यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के लिए हाल में हरियाणा और राजस्थान की सरकारों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 34 हजार करोड़ से अधिक की इस परियोजना यमुना जल समझौते से मरूस्थल की प्यास बुझेगी, जबकि रामजल सेतु व जाखम का पानी जयसमंद में लाने के साथ यह राज्य के शेखावाटी के लिए अहम साबित होगी।

सांसद डाॅ मन्नालाल रावत की ओर से गुरुवार को लोकसभा में पूछे गए प्रश्न पर जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी की ओर से यह जानकारी दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राजस्थान राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार, हथनीकुंड में दिल्ली के हिस्से सहित हरियाणा द्वारा पश्चिमी यमुना नहर की पूरी क्षमता (24,000 क्यूसेक) का उपयोग करने के बाद राजस्थान के चूरू, सीकर, झुंझुनू और अन्य जिलों के लिए पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यकताओं के लिए 577 एमसीएम तक जुलाई से अक्तूबर के दौरान भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से जल के अंतरण के लिए परियोजना की एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। 

इस परियोजना की अनुमानित लागत 34102.24 करोड़ रुपये है। समझौते के अनुसार, प्राथमिक लाभार्थी राज्य के रूप में राजस्थान राज्य, परियोजना की पूंजीगत लागत (पुनर्वास और मुआवजा लागत सहित) वहन करेगा। डीपीआर के अनुसार, राजस्थान के हसियावास में लगभग 386 एमसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाला एक कच्चा जल भंडार, विशेष रूप से पेयजल आपूर्ति के लिए, चिन्हित किया गया है। डीपीआर में परियोजना के निर्माण के लिए अपेक्षित समय की परिकल्पना अवार्ड की तारीख से 72 महीने के रूप में की गई है।

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