आइडिया जलसा में अनूप जलोटा व पं. रतन मोहन की प्रस्तुति ने मन मोहा
उदयपुर रार्इटस के लिए शुक्रवार की शाम यादगार बन गर्इ। भजन सम्राट अनूप जलोटा एवं शास्

उदयपुर रार्इटस के लिए शुक्रवार की शाम यादगार बन गर्इ। भजन सम्राट अनूप जलोटा एवं शास्त्रीय संगीत के ख्यातनाम कलाकार पं. रतनमोहन शर्मा ने ऐसा सुर-राग छेडा कि वहां मौजूद श्रोता वाह-वाह कर उठे। कार्यक्रम की आरंभ श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़, भजन सम्राट अनूप जलोटा, आइडिया सेलुलर के सर्कल हेड राजस्थान पुनीत कृष्णन, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया के चीफ मैनेजर पी.पी. बासू एवं दुर्गा जसराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अनूप जलोटा एवं पं. रतनमोहन शर्मा शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी रंगमंच पर आइडिया जलसा-म्यूजिक फार सोल संगीत संध्या में श्रोताओं को सुर के अदभुत रस का पान करा रहे थे। श्रोताओं से खचाखच भरे रंगमंच की दूधिया रोशनी में अनूप जलोटा ने शुरूआत अपने चिर परिचित भजन ऐसी लागी लगन, मीरां हो गर्इ मगन से की। इसके बाद तो फिजा ऐसी बनी कि वहां मौजूद श्रोता अनूप का साथ देते नजर आए।
अनूप जलोटा के साथ गिटार पर धिरेन रायचूरिया, संतूर पर रतन रोहन कृश्णा, तबले पर अमित चौबे, बेन्जो पर एन.नासिर एवं प्रिती सेठ ने संगत की।
इसके पूर्व मेवाती घराने के पं रतनमोहन शर्मा ने राग शुद्ध बरारी से शुरूआत की, जिसके बाद कुंज बिहारी…..बांसुरी लागे म्हाने प्यारी,हवेली मार्इ मेरो मन मोयो सांवरे घर अंगना न सुवायो,बना रे बागा में झूला घाल्या, से माहौल को उल्लासित कर दिया।
समारोह में आर्ट एंड आर्टीस्टस की संस्थापक एवं निदेशक तथा आइडिया जलसा कार्यक्रम की परिकल्पना तैयार करने वाली व निर्माता दुर्गा जसराज, आइडिया सेलुलर के सर्कल हेड राजस्थान पुनीत कृष्णन, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया के चीफ मैनेजर पी.पी. बासू ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन दुर्गा जसराज ने किया।
