प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों ने की बैठक
उपरोक्त विचार शेडोफेक्स कम्पनी के महाप्रबंधक श्री कीर्ति कुमार देशमुख ने यूसीसीआई के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में व्यक्त किये। श्री कीर्ति कुमार मेवाड़ प्रिंटर एवं पेपर एसोसिएशन के व्यावसायिक सम्मेलन में मुख्य वक्ता थे।

“हाल ही में अपने एक रिश्तेदार के ईलाज के सिलसिले में टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल जाना हुआ। मैं वहां मात्र दो चार वर्ष के बहुत सारे बच्चों को कैंसर से पीडि़त देख कर हैरान रह गया। डॉक्टर्स से चर्चा करने पर मालुम हुआ कि भारत में कैंसर के मामलों में तेज वृद्धि देखने मंे आई है जिसका कारण प्रदूषण एवं पर्यावरण को हुई हानि जिम्मेदार है। अतः यह आवश्यक है कि हम देश में ईको फ्रेंडली उत्पाद एवं उत्पादन को प्रोत्साहन दे।”
उपरोक्त विचार शेडोफेक्स कम्पनी के महाप्रबंधक श्री कीर्ति कुमार देशमुख ने यूसीसीआई के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में व्यक्त किये। श्री कीर्ति कुमार मेवाड़ प्रिंटर एवं पेपर एसोसिएशन के व्यावसायिक सम्मेलन में मुख्य वक्ता थे।
श्री कीर्ति कुमार ने बताया कि पिं्रटिंग व्यवसाय में पिछले कुछ वर्षो में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है तथा आज प्रिंटिंग व्यवसाय मंे पांचवी पीढ़ी की मशीनें संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही हमें इस प्रश्न पर विचार करना होगा कि क्या प्रिंटिंग व्यवसाय मंे इस्तेमाल होने वाले केमिकल ईको फ्रेंडली एवं हानिरहित है अथवा नहीं।
उन्होंने कैलिफोर्निया का उदाहरण देते हुए बताया कि कभी सबसे प्रदूषित शहर के तौर पर जाने जाने वाला शहर अमरिका सरकार की योजनाबद्ध नीति के परिणामस्वरूप आज सबसे कम प्रदूषित शहर बन गया है। प्रिंटिंग व्यवसाय में आईसो प्रोपिल एलकोहोल का इस्तेमाल अमरिका एवं यूरोप मंे पूर्णतया प्रतिबंधित है एवं भारत में भी इसे प्रतिबंधित किये जाने का दबाव है। उन्होंने हानिरहित एवं पर्यावरण मित्र प्रिंटिंग केमिकल के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
मोनो टेक के श्री गुरविन्दर सिंह ने अपने प्रेजेन्टेशन में बताया कि प्रिंटिंग में मुख्यतया दो तकनीक काम में आती है- पारम्परिक एवं डिजिटल। नई तकनीक के माध्यम से प्री-प्रेस, प्रेस एवं पोस्ट प्रेस प्रींटिंग के माध्यम से प्रिंटिंग व्यवसाय की संचालन लागत मंे 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
व्यावसायिक बैठक के आरंभ में मेवाड़ प्रिंटर एवं पेपर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री हंसराज चौधरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि यदि प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों द्वारा नई तकनीक के अनुरूप स्वयं को नहीं बदला तो व्यवसाय छोड़ना पड़ सकता है।
कार्यक्रम का संचालन मेवाड़ प्रिंटर एवं पेपर एसोसिएशन के सचिव श्री विजय अरोड़ा ने किया। बैठक में प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़े लगभग 70 उद्यमियों ने भाग लिया।
