उदयपुर में हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर कल धरना एवं प्रदर्शन
उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर विगत 35 वर्षों से जारी आंदोलन के क्रम में आज बार एसोएिशन, उदयपुर के आंदोलन के इसी क्रम में कल दिनांक 07.10.2016 को प्रातः 11.00 बजे न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर धरना एवं प्रदर्शन किया जायेगा।

उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर विगत 35 वर्षों से जारी आंदोलन के क्रम में आज बार एसोएिशन, उदयपुर के आंदोलन के इसी क्रम में कल दिनांक 07.10.2016 को प्रातः 11.00 बजे न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर धरना एवं प्रदर्शन किया जायेगा। बार एसोसएिशन, उदयपुर के महासचिव राम लाल जाट ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के संभागीय संयोजक श्री शांति लाल चपलोत ने की एवं बैठक का संचालन बार एसोसिएशन के महासचिव रामलाल जाट ने किया। उक्त बैठक में बार एसोसिएशन, उदयपुर के अध्यक्ष भरत कुमार जोाशी, महासचिव रामलाल जाट, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह चौहान, सचिव यशवन्त मेनारिया, वित सचिव शीतल नंदवाना, देवीलाल गुर्जर, बंशीलाल गवारिया, संघर्ष समिति के जिला संयोजक सत्येन्द्र पाल सिंह छाबडा, सहित काफी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित थे।
उक्त बैठक में संभागीय संयोजक ने आंदोलन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा उन्होंने अपने उद्बोधन में यह कहा कि वर्तमान समय में निचले स्तर की न्यायपालिका का विकेन्द्रीकरण किया जा रहा है परन्तु राजस्थान उच्च न्यायालय का विकेन्द्रीकरण नहीं किया जा रहा है जो शासन व्यवस्था के दोहरे चरित्र का प्रतीक है।
इस क्षेत्र के सभी राजनैतिक दलों ने चुनावों में अपने-अपने स्थानीय घोषणा पत्रों में मेवाड एवं वागड क्षेत्र की गरीब, निर्धन आदिवासी जनता को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के लिए उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने की घोषणा की थी परन्तु अभी तक इस बहुप्रतीक्षित मांग के संदर्भ में सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सरकार को इस क्षेत्र की ज्वलंत मांग को पूरा करने के लिए अविलम्ब ठोस व सकारात्मक निर्णय करना चाहिए ताकि इस अंचल की जनता राजनैतिक दलों के घोषणा-पत्रों को केवल छलावा नहीं समझे। जनता को यह भी अहसास होना चाहिए कि सरकार ने उदयपुर में रहकर उसे एक बड़ी सोगात दी है। वर्तमान समय में इस क्षैत्र की जनता को उच्च न्याय के लिये जोधपुर जाना पड़ता है जिसमें गरीब जनता को जोधपुर आने-जाने में भारी समय व धन खर्च नहीं करना पड़े। अतः सरकार आम जनता को सस्ता सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित कर अपने राज धर्म का पालन करे। बार एसोसिएशन के महासचिव राम लाल जाट ने बताया कि बैठक को शांतिलाल पामेचा, रमेश नंदवाना, रतन सिंह राव, मोहम्मद शरीफ छिपा, सत्येन्द्र पाल सिंह छाबड़ा, मनीष श्रीमाली, कमलेश दवे, शक्ति सिंह भाटी, चेतनपुरी गोस्वामी आदि अधिवक्ताओ ने भी संबोधित किया। आंदोलन के इसी क्रम में कल दिनांक 07.10.2016 को प्रातः 11.00 बजे न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर धरना एवं प्रदर्शन किया जायेगा। सभी अधिवक्ताओं की उपस्थिति अनिवार्य है।
