पंजाब के इनफ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत ! गर्भवती थी इनफ्लुएंसर, पेड़ से बांधकर जलाया
Udaipur Times, Chandigarh News : पंजाबी इनफ्लुएंसर मनजीत कौर को अगवा कर मोरंडा में शहतूत के पेड़ से बांधकर जिंदा जलाने के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वारदात की परतें खुल रही हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय मनजीत करीब तीन माह की गर्भवती थी। मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसकी हत्या के पीछे प्रेगनेंसी तो वजह नहीं थी। प्रारंभिक जांच में उसके आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है।
घटना 3 जुलाई की देर रात की है। मनजीत की मां कांता देवी के मुताबिक, उसके जानकार शुभी और पिंदा ने उसे सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि दोनों उसे जबरन कार में बैठाकर मोरंडा ले गए। रास्ते में मारपीट करने के बाद उसे जंगल क्षेत्र में शहतूत के पेड़ से बांधा और आग लगा दी। एक जानकार ने मौके पर पहुंचकर कंबल से आग बुझाई।
मनजीत को मोरंडा अस्पताल से मोहाली के मैक्स अस्पताल और 9 जुलाई को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
5 अगस्त को करीब एक महीने बाद मनजीत को होश आया। उसने पुलिस को बुलाकर बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई। परिवार के मुताबिक, पीजीआई पुलिस चौकी ने खरड़ सदर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी और जांच अधिकारी एएसआई लखविंदर सिंह को भी फोन किया गया। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस बयान लेने नहीं पहुंची। पीजीआई चौकी में सूचना की डीडीआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
मौत के बाद केस दर्ज
करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 26 अगस्त को मनजीत की पीजीआई में मौत हो गई। इसके बाद 27 अगस्त को चंडीगढ़ पुलिस ने उसकी मां के बयान पर अपहरण और हत्या का केस दर्ज किया। पुलिस अब शुभी और पिंदा की तलाश में छापे मार रही है। सेक्टर-34 से मोरंडा तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि अपहरण में इस्तेमाल गाड़ी और आरोपियों की पहचान हो सके।
पंजाब पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में
चंडीगढ़ पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या मनजीत की मां ने घटना के बाद पंजाब पुलिस को अपहरण और आग लगाने की जानकारी दी थी। यदि पहले शिकायत या बयान दिए गए थे तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई और हत्या के प्रयास का केस क्यों दर्ज नहीं किया गया, इसकी भी जांच होगी।