डिवीडिंग मशीन पर प्रश्न चिन्ह
"डिवीडिंग मशीन कई प्रकार की जलीय खरपतवार को हटाने में असमर्थ है ऐसे में एक और बड़ी डिवीडिंग मशीन खरीदने के स्थान पर जल मग्न जलीय खरपतवारो, झील किनारो, घाटो आदि की गन्दगी हटाने वाली छोटी मशीनी व्यवस्था बनाई जानी चाहिये। स्थानीय स्तर पर ऐसा किया जा सकता है"।

“डिवीडिंग मशीन कई प्रकार की जलीय खरपतवार को हटाने में असमर्थ है ऐसे में एक और बड़ी डिवीडिंग मशीन खरीदने के स्थान पर जल मग्न जलीय खरपतवारो, झील किनारो, घाटो आदि की गन्दगी हटाने वाली छोटी मशीनी व्यवस्था बनाई जानी चाहिये। स्थानीय स्तर पर ऐसा किया जा सकता है”।
उक्त विचार झील मित्र संस्थान ए झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सांझे में आयोजित रविवारीय संवाद में व्यक्त किये गये।
संवाद में अनिल मेहता ए तेज शंकर पालीवाल व नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि झीलों के किनारो व घाटो पर भारी मात्रा में शौच निवृति हो रही है। इसे रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था बनायीं जानी चाहिए। खुली सोच को सक्शन विधि से एकत्रित करना इसका समाधान हो सकता है अन्यथा यह झील में समाहित होगा। शौच निवृति करने वालो पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
संवाद से पूर्व झील मित्र संस्थान ए झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सांझे में आयोजित रविवारीय श्रमदान के दौरान पिछोला झील से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतले एपोलिथिन बैग्सएसडी हुई बदबू से भरी शाकाहारी मांसाहारी सामग्री ए सड़े फलए घरेलु कचराएशराब की बोतले व जलीय खरपतवार निकाली।
श्रमदान में रमेश चन्द्र राजपूत एअजय सोनीए जगदीश सिंहए राम लाल गेहलोतए दीपेश स्वर्णकारए लोकेश साहूए प्रताप सिंह ए तेज शंकर पालीवाल ए नन्द किशोर भाग लिया।