रेलवे ने तैयार किया नया प्लान ! ट्रेनों को रफ्तार देने के लिए 300 ठहराव होंगे खत्म
Udaipur Times, Indian Railway News, नई दिल्ली : भारतीय रेलवे जल्द ही लंबी दूरी और प्रीमियम ट्रेनों की रफ्तार में बड़ा इजाफा करने जा रही है। इसके लिए देश भर में प्रायोगिक आधार पर दिए गए 300 से अधिक ठहराव को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने का खाका तैयार किया है।
इससे यात्रियों का यात्रा समय 15 से 45 मिनट तक घटेगा। नई व्यवस्था अक्टूबर 2026 तक लागू होगी। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों (सांसदों व विधायकों) की सिफारिशों और क्षेत्रीय जनता की मांग पर सैकड़ों स्टेशनों पर छह महीने के प्रायोगिक आधार पर ट्रेनों के ठहराव मंजूर किए गए थे। इसका उद्देश्य छोटे कस्बों और स्टेशनों के यात्रियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी देना था।
नियम के मुताबिक छह महीने की मियाद पूरी होने के बाद टिकटों की बिक्री और व्यावसायिक उपयोगिता की समीक्षा की जानी थी। रेलवे बोर्ड के जीरो-कॉमर्शियल-स्टॉपेज मूल्यांकन ढांचे और इंटीग्रेटेड कोचिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आईसीएमएस) के ताजा आंकड़ों में पाया गया कि ये 300 से अधिक स्टॉपेज बोर्ड के न्यूनतम 15 टिकट प्रति ट्रेन प्रति दिन के व्यावसायिक पैमाने पर खरे नहीं उतरे हैं। अधिकारी ने बताया कि कम यात्री मिलने के कारण ट्रेनों को अनावश्यक रूप से रोकने से न केवल करोड़ों रुपये की बिजली और ईंधन बर्बाद हो रहा था, बल्कि मुख्य मार्गों पर ट्रेनों की समयपालन भी प्रभावित हो रही थी।
दिल्ली से चलने वाली 12 ट्रेन शामिल
इस प्रशासनिक समीक्षा की जद में दिल्ली से चलने वाली करीब 12 प्रीमियम ट्रेनें और तीन प्रमुख वंदे भारत रूट शामिल हैं। इसमें स्वर्ण जयंती राजधानी, अजमेर शताब्दी, अमृतसर शताब्दी जैसी ट्रेनों के रूट से कम यात्री वाले हॉल्ट हटाए जाएंगे। देहरादून दुरंतो के अलावा भोपाल, अजमेर और देहरादून जाने वाली वंदे भारत ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव भी इस समीक्षा के अंतर्गत हैं।
मुख्य आंकड़े और बिंदु
15 :टिकट प्रति ट्रेन प्रति दिन के व्यावसायिक पैमाने पर खरा नहीं उतरा
45 :मिनट तक घटेगा यात्रा समय, नई व्यवस्था अक्टूबर से लागू होगी
समय के साथ ईंधन की भी बचत
अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) के अनुसार 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही किसी प्रीमियम ट्रेन को एक स्टेशन पर रोकने और दोबारा उसी गति में लाने में करीब 5 से 7 मिनट का शुद्ध समय बर्बाद होता है।
अधिकारी ने बताया कि एक स्टॉपेज हटने पर ट्रेन की 5 से 7 मिनट की बचत होगी। जिन रूटों पर 3 से 4 गैर-जरूरी ठहराव हटाए जा रहे हैं, वहां यात्रा समय सीधे 15 से 45 मिनट तक कम हो जाएगा। इसके अलावा एक ठहराव खत्म होने से प्रति ट्रेन 300 से 350 यूनिट बिजली या 20 से 25 लीटर डीजल की बचत होगी।
