RGHS योजना में बदलावों का राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ ने किया विरोध
Udaipur Times, Rajasthan News: 20 जून 2026। राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं प्रदेश महामंत्री इंजीनियर अरविंद कौशल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में किए जा रहे हालिया बदलावों से कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को सरल, सहज एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। Rajasthan News
RGHS जैसी जनकल्याणकारी योजना को मूल भावना के अनुरूप अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने के बजाय नए प्रशासनिक प्रावधानों, आधार बायोमेट्रिक अनिवार्यता, अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया एवं अन्य तकनीकी जटिलताओं से जोड़कर आम कर्मचारी एवं वरिष्ठ पेंशनर्स के लिए इलाज की प्रक्रिया कठिन बनाई जा रही है। RGHS को बीमा आधारित व्यवस्था के अधीन लाने तथा पूर्व की सरल व्यवस्था में परिवर्तन करने से योजना के मूल उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। Rajasthan News
महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार भटनागर, डॉ. अरुण कुमार शर्मा, डॉ. आर.एस. चावड़ा, मनफूल मांगलिया एवं मूलचंद जाट ने कहा कि वृद्ध पेंशनर्स, गंभीर रोगों से पीड़ित कर्मचारियों एवं दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लाभार्थियों के लिए आधार बायोमेट्रिक जैसी अनिवार्यताओं से अनेक व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होंगी। कई बार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या, फिंगरप्रिंट सत्यापन में असफलता या अस्पताल स्तर की प्रक्रिया में देरी के कारण मरीजों को समय पर उपचार मिलने में बाधा आ सकती है। स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवा में ऐसी जटिल व्यवस्थाएं वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनर्स के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। Rajasthan News
महासंघ के प्रदेश सचिव डॉ. भारत सिंह भीमावत, नेमाराम जाट, मोहनलाल चांगवाल, डॉ. भूपेंद्र उपाध्याय, महावीर शर्मा एवं प्रदेश संगठन मंत्री एस.बी. सहाय ने कहा कि RGHS योजना का उद्देश्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को सम्मानजनक, पारदर्शी एवं समय पर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाना था, लेकिन हाल के आदेशों एवं प्रक्रियात्मक बदलावों से लाभार्थियों के सामने अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। अस्पतालों में कैशलेस सुविधा प्राप्त करने के लिए बार-बार सत्यापन, तकनीकी निर्भरता एवं नई प्रक्रियाओं से मरीज और उनके परिजन मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। सरकार को चाहिए कि स्वास्थ्य सुविधा को आसान बनाए, न कि उसे और अधिक जटिल बनाए। Rajasthan News
महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों एवं पेंशनर्स ने अपने सेवाकाल में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सम्मानजनक एवं बाधारहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। RGHS में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पहले कर्मचारी संगठनों एवं पेंशनर्स प्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए थी। एकतरफा निर्णयों से लाभार्थियों में असंतोष उत्पन्न हो रहा है। Rajasthan News
महासंघ ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि RGHS में किए गए हालिया कर्मचारी विरोधी आदेशों पर पुनर्विचार कर उन्हें वापस लिया जाए, बीमा कंपनी आधारित जटिलताओं को समाप्त किया जाए तथा कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को पूर्व की भांति सरल, पारदर्शी एवं वास्तविक कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। Rajasthan News
