राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स एकजुट, बना नया राज्यस्तरीय महासंघ
Udaipur Times, Rajasthan News: 1 जुन 2026। राजस्थान के पांचो कृषि विश्वविद्यालयों, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर, कृषि विश्वविद्यालय कोटा, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर व कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के सेवानिवृत पेंशनर्स शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने तथा उनकी अनेक वर्षों पुरानी पेंशन संबंधी विविध समस्याओं का समाधान एक संयुक्त, सशक्त एवं प्रभावी मंच के माध्यम से करवाने के उद्देश्य से पांचों कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स तथा पेंशनर्स संगठनों द्वारा आज राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ का गठन किया गया।
महासंघ के गठन के साथ ही सर्वसम्मति से महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर शैक्षणैत्तर कर्मचारी संघ के पुर्व केन्द्रिय अध्यक्ष तथा भारतीय जनता पार्टी उदयपुर देहात जिला के पुर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी को राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ का प्रदेशाध्यक्ष तथा राजस्थान भाजपा के पुर्व प्रदेशाध्यक्ष व राजस्थान सरकार के पुर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय रघुवीर सिंह कौशल के सुपु़त्र वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी इंजीनियर अरविंद कौशल कृषि विश्वविद्यालय कोटा को प्रदेश महामंत्री का दायित्व सौपा गया।
महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी में राजस्थान के सभी पांचो कृषि विश्वविद्यालयों एवं क्षैत्रों के संतुलित प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में मनफुल मांगलिया (अध्यक्ष पेंशनर्स संघ, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर), डाक्टर अरूण कुमार शर्मा (अध्यक्ष पेंशनर्स परिषद, कृषि विश्वविद्यालय कोटा), श्री मुलचंद जाट (अध्यक्ष पेंशनर्स संघ, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर), डाक्टर आर एस चावडा (पुर्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण,कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर) व डाक्टर सुरेन्द्र कुमार भटनागर (अध्यक्ष पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर) को दायित्व प्रदान किया गया है।
महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रदेश मंत्री नेमाराम ( महामंत्री, पेंशनर्स संघ, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर), महावीर शर्मा ( पुर्व अध्यक्ष शैक्षणेत्तर कर्मवारी संघ, कृषि विश्वविद्यालय कोटा), इंजीनियर मोहन लाल चांगवाल ( पुर्व भुसंपति अधिकारी, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर), डाक्टर भारत सिंह भीमावत (पुर्व अधिष्ठाता व फैकल्टी चैयरमैन कृषि, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर) , डाक्टर भुपेन्द्र उपाध्याय (पुर्व प्रोफेसर, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर) को दायित्व प्रदान किया गया है तथा इंजीनियर एस बी सहाय ( पुर्व कृषि अभियंता, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर) को महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महासंघ प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि महासंघ का सबसे महत्वपुर्ण तथा प्राथमिक उद्वेश्य राजस्थान के पांचो कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को राजस्थान सरकार द्वारा बजटीय प्रावधान के माध्यम से समय पर नियमित पेंशन उपलब्ध करवाना है ताकि उन्हे आर्थिक कठिनाईयों का सामना न करना पडे। उन्हाने कहा कि महासंघ प्रत्येक पेंशनर की आवाज बन कर उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक स्थिरता के लिये संघर्ष करेगा तथा यह प्रयास करेगा कि किसी भी पेंशनर को अपने वाजिब अधिकारों के लिये भटकना ना पडे।
महासंघ प्रदेश महामंत्री इंजीनियर अरविंद कौशल ने कहा कि महासंघ के अन्य प्रमुख लक्ष्यों में राजस्थान सरकार के पेंशनरों के समान सभी सुविधायें, अधिकार एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना तथा राजस्थान गवर्नमेट हैल्थ स्कीम RGHS से संबधित सभी विसंगतियों एवं अव्यवहारिक कठिनाईयों को दुर करवाना तथा राज्य कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाओं को उपलब्ध करवाना रहेगा। वर्तमान में विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को उपचार, दवाओं की उपलब्धता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अस्पतालों में स्वीकृतियों तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कठिनाईयों का सामना करना पडता है। महासंघ इन समस्याओं के समाधान के लिये राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान करवायेगा।
के महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि महासंघ बहुत जल्द राजस्थान सरकार के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क स्थापित करेगा और महासंघ का प्रतिनिधिमंडल राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भजनलाल जी शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं वित मंत्री माननीया दियाकुमारी जी, कृषि मंत्री माननीय डाक्टर किरोडी लाल जी मीणा तथा राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव माननीय श्रीनिवास जी से पांचो कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स की समस्याओ के स्थाई समाधान हेतु मुलाकात करेगा और महासंघ को विश्वास है कि राज्य सरकार सभी न्यायोचित मांगो पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को राहत प्रदान करने के लिये ठोस कदम उठायेगी।
