ODOP Policy में दो बड़े बदलाव: अब विस्तार करने वाले उद्यमों को भी मिलेगा 15 लाख तक अनुदान
Udaipur Times, ODOP Policy: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद नीति (ODOP)-2024 में दो महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब ODOP उत्पाद से जुड़े उद्यमों को विस्तार पर भी मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, निजी संस्थानों के माध्यम से टैक्निकल अपग्रेडेशन कर सकेंगे। इसके लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उद्योग वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि राज्य बजट 2026-27 में ODOP इकाइयों को विस्तार के लिए भी मार्जिन मनी देने की घोषणा की गई थी। अब इस संशोधन से विस्तार करने वाली सूक्ष्म इकाइयों को 20 लाख रुपये और लघु श्रेणी इकाइयों को 15 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान मिल सकेगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का भी प्रावधान किया गया है। पूर्व में केवल नई इकाइयों को ही यह लाभ मिलता था।
नीलाभ सक्सेना ने बताया कि ODOP Policy के तहत अब निजी संस्थानों के माध्यम से भी तकनीकी अपग्रेडेशन कर सकेंगे तथा इसके लिए 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। पूर्व में यह लाभ केवल राजकीय संस्थानों के माध्यम से तकनीक अपग्रेडेशन करने पर ही दिया जाता था। इस बदलाव से ODOP इकाइयां नवीनतम तकनीक और मशीनें आसानी से ले सकेंगी, जिससे कम ऊर्जा खपत के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हो सकेगा।
सक्सेना ने बताया कि विभाग द्वारा ODOP Policy के माध्यम से अधिक से अधिक इकाइयों को लाभान्वित कर उत्पादों को मजबूती देने का कार्य किया जा रहा है ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों। राज्य के चयनित ODOP उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में सहायता दी जा रही है। हाल ही में प्रदेश के पांच जिलों में कुल 18.19 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब और भंडारण के लिए स्वीकृति भी दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया में बदलाव से आए सकारात्मक परिणाम
राज्य बजट 2026-27 में ही ODOP से जुड़े आवेदनों की जिला महाप्रबंधकों द्वारा ही स्वीकृति जारी करने संबंधी घोषणा की गई थी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा इसे गत एक मार्च को अधिसूचना जारी कर आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आवेदन ऑनलाइन करने के बाद एक फरवरी, 2026 से अब तक प्राप्त 350 आवेदनों की स्वीकृति में पहले की तुलना में अब काफी कम समय लग रहा है।
