राजस्थान रिफाइनरी पेट्रोजोन में निवेश के नए अवसर, पेट्रोकेमिकल उद्योगों को मिलेगा कच्चा माल तुरंत

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Petrochemical Industry Rajasthan

 

Udaipur Times, Rajasthan Refinery, Petrochemical Industry Rajasthan: राजस्थान रिफाइनरी में उत्पादन शुरु होने के साथ ही अब रिफाइनरी पेट्रो जोन में उद्योग लगाने वाले निवेशकों को कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। रिफाइनरी सह उत्पादों की सहज उपलब्धता के कारण रिफाइनरी पेट्रो जोन में पेट्रोकेमिकल से जुड़े उद्योगों की स्थापना निवेशक उद्यमियों के लिए लाभकारी हो गया है। Rajasthan Refinery

पेट्रोजोन में हाई डेनसिटी पाॅलीएथिलीन (HDPE), लिनियर लो डेनसिटी पाॅलीएथिलीन (LLDPE) पाॅलीप्रोपिलिन (PP) उत्पादों के उद्योग धंधे लगाने के लिए समुचित और मांग के अनुसार कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। इससे पेट्रोकेमिकल उद्योग में निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध हो गए हैं। Petrochemical Industry Rajasthan

एसीएस माइंस अपर्णा अरोरा ने उद्योग विभाग व रीको से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र के निवेशकों की मेपिंग कर पेट्रोजोन में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित और प्रेरित करें। Petrochemical Industry Rajasthan

उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग व रीको को कम पानी व शोधित पानी (ट्रीटेड) का उपयोग करने वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करना होगा। पेट्रोजोन में पेट्रोकेमिकल्स से संबंधित उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को उनके उद्योग की स्थापना के साथ ही कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा और उन्हें कच्चे माल के लिए किसी तरह की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग, रीको, पेट्रोलियम विभाग, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम व रिफाइनरी प्रबंधन को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेट्रोजोन में उद्यमों की स्थापना से रिफाइनरी के सहउत्पादों का प्रदेश में ही उपयोग, प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के विपुल अवसर और राजस्व में बढ़ोतरी हो सकेगी और प्रदेश की इकोनोमी बूस्टअप होगी। Rajasthan Refinery

अपर्णा अरोरा ने रीको और उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेट्रोजोन में लगने वाले पेट्रोकेमिकल उद्योगों के उत्पादों की मांग और आपूर्ति संभावनाओं को आकलन कराएं। उन्होंने बताया कि इस तरह के उद्योगों को चिन्हित कर पेट्रोजोन में निवेश करवाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने रीको से पेट्रोजोन में आवश्यक आधारभूत संरचना चिन्हित करते हुए विकसित करने पर जोर दिया ताकि उद्यमियों को आवश्यक पानी, बिजली, सड़क आदि आधारभूत सुविधाएं प्राप्त हो सके। Rajasthan Refinery

रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश ओला और उद्योग आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि उद्योग, रीको और बीआईपी एचपीसीएल रिफाइनरी से समन्वय बनाते हुए निवेशकों से समन्वय बनाया जाएगा। Petrochemical Industry Rajasthan

एचपीसीएल के निदेशक मार्केटिंग अमित गर्गं ने बताया कि पेट्रोजोन में पानी की टंकियां, कैरी बैग, शापिंग बैग, फर्टिलाइजर, केमिकल व सीमेंट पैकिंग बैग, प्लास्टिक रस्सी, तेल, घी, दूध आदि के पैकिंग की थैलियां, कंटेनर, केमिकल कंटेनर, क्रेट, सिंचाई व घरेलू फिटिंग के पाइप्स, रोड डिवाइडर, मास्क, बोप, डायपर्स, दस्ताने नेट, घरेलू उपयोग के प्लास्टिक उत्पाद व अन्य उत्पाद तैयार करने के उद्योगों की स्थापना की जा सकती है। पेट्रो जोन के उद्यमियों को जीरो इंवेट्री कास्ट पर सुविधाएं और कच्चे माल की निश्चित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। राजस्थान रिफाइनरी के  मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर विखार ने विस्तार से रिफाइनरी के उत्पादों की जानकारी दी। Petrochemical Industry Rajasthan

बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि, एसजी सुनील कुमार वर्मा, निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह, अतिरिक्त निदेशक दिलीप राज शर्मा, मोहन कुमावत, रीको के मुकुल रस्तोगी, एचपीसीएल से ईडी सीवी मल्लीनाथ, मनीष टंडन, सौगाता चौधरी और यशपाल अनेजा आदि ने हिस्सा लिया। 
 

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