राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पहुंचे निराश्रित बच्चो के बीच दीपावली मनाने

राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पंड्या ने उदयपुर जिले की सुखेर स्थित जीवन ज्योति बाल गृह एवं श्री आसरा विकास संस्थान द्वारा संचालित आश्रय गृह में जाकर वहा बच्चो के साथ दीवाली की पूर्व संध्या पर चर्चा की। डॉ. पंड्या द्वारा बच्चो को आतिशबाजी, चॉकलेट एवं मिठाईया देने के साथ दीपावली की शुभकामनाये दी गई। 
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बाल आयोग के निर्देश से राज्य के विभिन्न जिलों में बाल श्रम में रेस्क्यू करवाए गए कई बच्चे हुए मुक्त, दीपावली अपने परिवार के साथ मना पाएंगे 

उदयपुर 26 अक्टूबर 2019। बाल आयोग ने राजस्थान में संचालित समस्त राजकीय एवं गैर राजकीय संस्थानों में बाल श्रम एवं भिक्षावृति में मुक्त करवाकर लम्बे समय से रह रहे बच्चो को जल्द से जल्द मुक्त कर अपने परिवारजनो को सुपर्द करने के आदेश सरकार को जारी करने के पश्च्यात आज  राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राजस्थान सरकार की अध्यक्ष श्रीमती संगीता बेनीवाल के मार्गदर्शन में पुरे राज्य में जो बच्चे अपने घर नहीं जा पाए अथवा जिनका कोई निवास स्थान नहीं है उनके साथ दीपावली मनाने का निर्णय लिया है।   

इसी के तहत आज राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पंड्या ने उदयपुर जिले की सुखेर स्थित जीवन ज्योति बाल गृह एवं श्री आसरा विकास संस्थान द्वारा संचालित आश्रय गृह में जाकर वहा बच्चो के साथ दीवाली की पूर्व संध्या पर चर्चा की। डॉ. पंड्या द्वारा बच्चो को आतिशबाजी, चॉकलेट एवं मिठाईया देने के साथ दीपावली की शुभकामनाये दी गई।  

स्वयं सेवी संस्थानों द्वारा राजस्थान सरकार से समय पर अनुदान न मिलने की समस्या से आयोग को अवगत करवाया गया। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य के साथ बाल अधिकार विशेषज्ञ जिगनेश दवे, भोजराज सिंह पदमपुरा, बाल गृह अधीक्षक ओम प्रकाश बंजारा, अरविन्द शर्मा मौजूद रहे।  

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