पहली से पढाई जाये राजस्थानी
अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति की युवा इकाई राजस्थानी मोट्यिार परिषद् के उदयपुर संभाग की ओर से शनिवार को विश्व मातृ भाषा दिवस के अवसर पर राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवी अनुसूचि में शामिल करने हेतु जिलाधीश कार्यालय पर धरना दिया गया।

अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति की युवा इकाई राजस्थानी मोट्यिार परिषद् के उदयपुर संभाग की ओर से शनिवार को विश्व मातृ भाषा दिवस के अवसर पर राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवी अनुसूचि में शामिल करने हेतु जिलाधीश कार्यालय पर धरना दिया गया।
संभाग प्रभारी तनवीर सिंह कृष्णावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता या राजस्थान की द्धितीय राजभाषा घोषित करना न केवल हमारे अस्तित्व से जुडा सवाल है बल्कि ये पेट से भी जुडा है। लगभग सभी प्रांतों में सरकारी नौकरियों के लिए उसी प्रांत के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाती है। जिन्होने 10वीं की परीक्षा उस राज्य की द्धितीय भाषा उर्तीण की है।
इस अवसर पर संघर्ष समिति के पुरूषोतम पल्लव, हिम्मतसिंह उज्जवल, कृष्णकांत नाहर, जयंत ओझा, ओमप्रकाश राठौड, मनीष मेहता, डॉ’ ओपी महात्मा, विजयसिंह कच्छावा, भानुप्रताप सिंह कृष्णावत, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. शिवनारायण व्यास, अर्जुन सिंह चारण, प्रदीप उपाध्याय, जाजी मेघवाल, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, एस.एन. चौबीसा, महेन्द्र आमेटा, सुधीर लठ्ा, संजय खण्डेवाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
संभाग महामंत्री प्रशांत भण्डारी ने कहा कि राजस्थानी भाषा की मान्यता का आंदोलन सम्पूर्ण राजस्थान में पिछले 30 वर्षो से चल रहा है। हर वर्ष 21 फरवरी को विश्व मातृ भाषा दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण राजस्थान में संभाग स्तरीय धरने एवं प्रदर्शन किए जा रहे है लेकिन अब तब जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई है।
संभाग पाटवी घनश्याम सिंह भीण्डर ने बताया कि राजस्थानी भाषा की मान्यता तथा कक्षा एक से 10वी तक इसका पठन पाठन शुरू करने की मांग रखी गयी। तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर को प्रधानमंी एवं केन्द्रीय गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम 51सुत्री मांग पत्र सौपा गया।
संभाग स्तरीय धरने में बजरंग सेना मेवाड, शिव दल, बजरंग दल, फेडरेशन ऑफ एन.जी.ओ. राजस्थान, मेवाड गौरव विकास परिषद्, सकल राजपूत महासभा मेवाड, मेवाड क्षत्रिय महासभा, भाजयूमो, बजरंग सेवा, भारतीय जनता मजदूर मोर्चा, यूथ कांग्रेस, शिव सेना मेवाड, वीर मित्र मडल, के कार्यकर्ता धरने में शामिल हुए।