राजस्थान की बेटी ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग UPSC क्रैक कर बनी IAS अफसर
Udaipur Times, Success Story IAS Jyoti : राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव कमालसर की रहने वाली ज्योति ने यह साबित कर दिया कि सफलता पाने के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही रणनीति की जरूरत होती है। बिना किसी कोचिंग के उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 433 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

साधारण परिवार से निकलीं असाधारण प्रतिभा
ज्योति का परिवार बेहद साधारण है। उनके पिता एक शिक्षक हैं और मां गृहिणी हैं। आर्थिक रूप से परिवार बहुत समृद्ध नहीं था, लेकिन माता-पिता ने बच्चों की शिक्षा से कभी समझौता नहीं किया। बचपन से ही ज्योति को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिला, जिसने उनकी सफलता की मजबूत नींव रखी।
पढ़ाई में हमेशा रहीं अव्वल
ज्योति शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी थीं। स्कूल और कॉलेज दोनों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उनके भाई-बहनों ने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, जिससे परिवार में शिक्षा का माहौल और मजबूत हुआ। UPSC में सफलता से पहले भी ज्योति कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी थीं। उन्होंने असिस्टेंट अकाउंटेंट और सब-इंस्पेक्टर जैसी परीक्षाएं पास कीं। इसके अलावा उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर UGC NET JRF जैसी कठिन परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
कोचिंग नहीं, आत्मविश्वास बना सबसे बड़ा हथियार
आज के समय में ज्यादातर लोग मानते हैं कि UPSC की तैयारी बिना कोचिंग के संभव नहीं है, लेकिन ज्योति ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने अपनी तैयारी की पूरी रणनीति खुद बनाई। उनकी तैयारी का आधार था NCERT किताबों से मजबूत नींव तैयार करना, नियमित रूप से अखबार पढ़ना,खुद के नोट्स बनाना,सिलेबस को गहराई से समझना और लगातार पढ़ाई करना।
ज्योति का मानना है कि "सही दिशा में की गई मेहनत और आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी कोचिंग है।"
AIR 433 हासिल कर बनीं IAS
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ज्योति ने कुल 948 अंक हासिल किए। इसमें लिखित परीक्षा में उन्हें 805 अंक और इंटरव्यू में 143 अंक मिले। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन IAS के लिए हुआ और उन्हें उत्तराखंड कैडर आवंटित किया गया।
लाखों युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
ज्योति की कहानी बताती है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और आत्मविश्वास मजबूत हो, तो बिना कोचिंग के भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है।
