राजस्थान के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग को बड़ी राहत, सीतापुरा SEZ में बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं
Udaipur Times, RIICO Sitapura SEZ: जयपुर के सीतापुरा स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र प्रथम एवं द्वितीय में अब सोने एवं हीरे के आभूषणों की गुणवत्ता जांच के लिये अत्याधुनिक मशीनें लगेंगी। RIICO द्वारा दोनों SEZ (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) के लिए दो-दो कैरेट मीटर, एक्स-रे मशीन तथा सिंथ डिटेक्ट मशीन खरीदी जाएंगी। इनकी अनुमानित लागत लगभग 1.83 करोड़ रुपये है। जल्द ही मशीनों की खरीद एवं स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। RIICO Sitapura SEZ
इनके माध्यम से उत्पादों की प्रभावी जांच, सोने की शुद्धता का परीक्षण तथा प्राकृतिक और लैब-ग्रोन (कृत्रिम) हीरों की सटीक पहचान संभव हो सकेगी। Jaipur Gems and Jewellery
सीतापुरा SEZ प्रदेश के प्रमुख रत्न एवं आभूषण निर्यात केंद्रों में सम्मिलित है। वर्तमान में SEZ-1 में 33 तथा SEZ-2 में 119 इकाइयां संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों SEZ से करीब 8,565 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ तथा सेज में निवेश 294 करोड़ रुपये है। दोनों SEZ में लगभग 39,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। RIICO Sitapura SEZ
आधुनिक जांच सुविधाओं के उपलब्ध होने से स्वर्ण एवं हीरा-आभूषणों की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, तथा राज्य के राजस्व हितों की भी बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। Jaipur Gems and Jewellery
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत RIICO SEZ में भूमि हस्तांतरण होगा आसान
राज्य सरकार का विशेष फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर है जिसके तहत नियमों एवं प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में RIICO ने सीतापुरा स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों को राहत प्रदान की है। इन क्षेत्रों में अब नाम परिवर्तन, शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव, बिजनेस ट्रांसफर, मर्जर, डी-मर्जर , पुनर्गठन व कंपनी में निदेशकों में सरलता से परिवर्तन हो सकेंगे। उद्योगों के संचालन को अधिक सरल, पारदर्शी एवं निवेश-अनुकूल बनाने हेतु वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय र के दिशानिर्देशों के अनुरूप RIICO ने RIICO डिस्पोज़ल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 में यह प्रावधान किये हैं। RIICO Sitapura SEZ
भूमि हस्तांतरण RIICO डिस्पोज़ल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 के प्रावधानों के अनुरूप होगा। इस पहल से उद्यमियों को नए निवेशक एवं साझेदार लाने में आसानी होगी। राज्य में निवेश आकर्षित होगा तथा उद्यमियों को परियोजना स्थापित करने एवं संचालन में सुविधा होगी।
