राजेन्द्र तेली फीडे आर्बिटर बने
राजस्थान के सीनीयर शतरंज प्रशिक्षक व शतरंज के तीनों फोरमेट (क्लासिकल, रेपिड़, बिल्ट्ज) में अन्तर्राष्ट्रीय फीडे रेटिंग हासिल कर पहले ही लेकसिटी का नाम गौरान्वित करने वाले राजेन्द्र तेली ने शतरंज में एक ओर नया कदम आगे बढ़ाते हुए लेकसिटी उदयपुर के पहले व राजस्थान के दूसरे फीडे आर्बिटर बने।
राजस्थान के सीनीयर शतरंज प्रशिक्षक व शतरंज के तीनों फोरमेट (क्लासिकल, रेपिड़, बिल्ट्ज) में अन्तर्राष्ट्रीय फीडे रेटिंग हासिल कर पहले ही लेकसिटी का नाम गौरान्वित करने वाले राजेन्द्र तेली ने शतरंज में एक ओर नया कदम आगे बढ़ाते हुए लेकसिटी उदयपुर के पहले व राजस्थान के दूसरे फीडे आर्बिटर बने। उन्हे यह उपलब्धि 4-15 अगस्त तक थ्रोमसो, नार्वे मे सम्पन्न विश्व शतरंज ओलम्पियाड व 85वीं विश्व शतरंज महासंघ (फीडे) के सेमिनार की आम सभा में प्राप्त हुई।
प्रशिक्षक विकास साहू ने बताया कि उन्होंने 2009 चैन्नई में 39वीं राष्ट्रीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता, 2012 चैन्नई में फीडे आर्बिटर परीक्षा पास कर, प्रथम पी.पी. शावनी अन्तर्राष्ट्रीय फीडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता सूरत, नेशनल जूनियर शतरंज प्रतियोगिता अजमेर व ऑल एण्डिया फीडे रेटिंग टूर्नामेन्ट बड़ौदा में बतौर डिप्टी चीफ आर्बिटर का कार्य करते हुए विभिन्न शतरंज के नये-नये नियमों से हमेशा प्रतियोगिताओं को कराने में सफल रहें। लेकसिटी के पहले व राजस्थान के दसूरे फीडे आर्बिटर बनने के साथ इसके पूर्व यह उपलब्धि जयपुर व ऑल राजपूताना शतरंज संघ के सचिव पी. के. गुप्ता ने 2011 में हासिल की।
गौरतलब है कि राजेन्द्र तेली जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातीप्राप्त शतरंज खिलाड़ी, प्रशिक्षक व निर्णायक है जिसके साक्ष्य में उन्हे निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण के लिए जिला कलेक्टर द्वारा 15 अगस्त 1995 को जिला स्तरीय सम्मान दिया गया। 1998 में राष्ट्रीय निर्णायक (नेशनल आर्बिटर), 2014 सीनीयर राष्ट्रीय निर्णायक। स्कूल, विश्वविद्यालय, जिला, राज्य आदि की टीमों से कोच/मैनेजर की सेवा 30 वर्ष से।
