गीतांजली में राजनियोकाॅन का समापन
गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल, उदयपुर और आरएनटी मेडिकल काॅलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राजस
गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल, उदयपुर और आरएनटी मेडिकल काॅलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राजस्थान नियोनेटोलोजी फोरम के वार्षिक सम्मेेलन राजनियोकाॅन का समापन समारोह गीतांजली सभागार में हुआ।
कार्यक्रम में इंडियन एकेडमी आॅफ पीडियाट्रिक के अध्यक्ष डाॅ. एस.सीन ने नवजात में बढ़ रही बिमारियां एवं मृत्यु पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुम्बई से आए पीडियाट्रिशियन डाॅ. एन के काबरा, डाॅ. ललन धारपी एवं डाॅ. तुषार पारिख ने बीमार नवजात में संक्रमण के बचाव के तरीकों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने पैदा होते ही नवजात में हो रही मृत्यु को कैसे कम कर सकते हैं पर बात की। गीतांजली के हृदय शल्य चिकित्सक डाॅ. संजय गांधी और नवजात शल्य चिकित्सक डाॅ. अतुल मिश्रा ने नवजात में ऐसे रोग जिनकी सर्जरी करनी पड़ती है और उनके उपचार के बारे में बातचीत की। इस सम्मेलन के माध्यम से डाॅक्टरों एवं नर्सिंग स्टाॅफ को दिए प्रशिक्षण में नवजात में मृत्यु दर को कम करने और रोकने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा डाॅ. एस सोन का सम्मान किया एवं अन्य सभी अतिथियों व प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र वितरित किए। साथ राज्य के बारह मेडिकल काॅलेज के पीजी विद्यार्थियों के 33 पोस्टर, 12 अवार्ड पेपर और 10 फ्री पेपेर प्रस्तुत किए जिनमें गीतांजली की डाॅ. निधी मोदी को ओरल पेपर में प्रथम और आरएनटी के डाॅ. चौकस चौधरी को द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रस्तुति मे सतोक्बा दुलर्भ हाॅस्पिटल के डाॅ. अश्विन गुप्ता ने प्रथम और आरएनटी के डाॅ. रामप्रकाश बैरवा और डाॅ. शुभम ने द्वितीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अनुराधा व डाॅ. बीएल मेघवाल ने किया। आयोजन सचिव डाॅ. महेन्द्र जैन व डाॅ. जय सिंह मीणा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
