राजकुमार रिज़वी गजल संध्या आयोजित
क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर द्वारा सृजन द स्पार्क संस्थान के सहयोग से आज रेलवे ट्रेनिंग सभागार में प्रख्यात गज़ल गायक राजकुमार रिज़वी एंव नेहा रिज़वी नाईट का आयोजन किया गया।

क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर द्वारा सृजन द स्पार्क संस्थान के सहयोग से आज रेलवे ट्रेनिंग सभागार में प्रख्यात गज़ल गायक राजकुमार रिज़वी एंव नेहा रिज़वी नाईट का आयोजन किया गया।
गज़ल गायक राजकुमार रिज़वी ने शायर मोहसिन के लिखे कलाम ‘रेत पे लिख के मेरा नाम मिटा क्यूं नहीं देते..’ की प्रस्तुति दी तो खचााखच भरे हॉल में तालियों की गडग़ड़ाहट गूंज उठी। शायर बशीरभद्र के कलाम ‘एक कसक दिल की दिल में चुभी रह गयी..’ को राजकुमार के साथ उनकी पुत्री ने भी अपनी आवाज मिलायी तो श्रोता वाह-वाह कह उठे।
रिजवी एवं नेहा की आवाज को शायर सीमा के कलाम ‘दिलों में अगर बदगुमानी रहेगी,परेशंा हरेक जिदंगानी रहेगी.’ को ढोलक, वायलिन, तबला,ओक्टोपउकी-बोर्ड का सहयेाग मिला तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये। रिज़वी ने शायर तसनीम फाज़ली के कलाम ‘रफ्ता-रफ्ता वो मेरी हसती के सामां हो गये..’ को पेश किया। अपेन पिता के साथ जब नेहा ने जब हज़रत अमीर खसरेा के सूफीयाना कलाम ‘नैना अपने पिया से मिला आयी रेे..’ ्रको अपनी आवाज दी तो श्रोताओं ने तालियों की भरपूर दाद दी।
रिज़वी ने निदा फाज़ली क े कलाम ‘रात के बाद दिन की सहर आएगी..’ को पेश किया। इससे पूर्व गज़ल गायक जोधपुर के इमरान खान ने राग कुरी हाशरी पर आधारित ‘चैन मिल जाएगा जमाने को,फूंक दूंगा जब आशियोन को ..’ से कार्यक्रम की शुरूआत की तो श्रोताओं ने उसका भरपूर आनन्द लिया।
कार्यक्रम में तबले पर फारूख खान, वाऊयलिन पर रमेश कंडारा, ओक्टोपेड पर मंजीत, की बोर्ड पर राम मोलानी, ढोलक पर जावेद खान ने संगत की। इस अवसर पर चित्तौडगढ़ पुलिस अधीक्षक प्रसन कुमार खमेसरा, कार्यक्रम चेयरमेन राजेश खमेसरा,सृजन द स्पार्क के अध्यक्ष श्याम एस.सिंघवी, सचिव राजेश शर्मा,रेलवे ट्रेनिंग स्कूल के सत्यपाल मेढ,सहित अनेक अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन इकराम कुरैशी ने किया।
