ब्रिटिश वर्ल्ड पैरा तैराकी सीरीज में दिखेगा राजसमंद केलवा के जगदीश का जलवा
बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजस्थान के राजसमंद जिले के केलवा के ख्यातनाम अंतरराष्ट्रीय तैराक जगदीश तेली 26 मई को लंदन के लिए रवाना होंगे। जगदीश वहां 31 मई से 3 जून तक सेफ़ील्ड में होने वाली वर्ल्ड स्विमिंग सीरीज में हिस्सा लेंगे। उदयपुर खेल गांव तरणताल के कोच महेश पालीवाल ने बताया कि अब तक कई राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदकों की झड़ी लगा चुके जगदीश से देश को इस सीरीज में पदक की उम्मीदें हैं। जगदीश का अगला पड़ाव इंग्लिश चैनल है जिसके लिए वे वहां से सीधे ही 15 दिन की प्रेक्टिस के लिए डोवर रवाना हो जाएंगे।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजस्थान के राजसमंद जिले के केलवा के ख्यातनाम अंतरराष्ट्रीय तैराक जगदीश तेली 26 मई को लंदन के लिए रवाना होंगे। जगदीश वहां 31 मई से 3 जून तक सेफ़ील्ड में होने वाली वर्ल्ड स्विमिंग सीरीज में हिस्सा लेंगे। उदयपुर खेल गांव तरणताल के कोच महेश पालीवाल ने बताया कि अब तक कई राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदकों की झड़ी लगा चुके जगदीश से देश को इस सीरीज में पदक की उम्मीदें हैं। जगदीश का अगला पड़ाव इंग्लिश चैनल है जिसके लिए वे वहां से सीधे ही 15 दिन की प्रेक्टिस के लिए डोवर रवाना हो जाएंगे।
पिछले 5 महीनों से पुणे में तैराकी का जबर्दस्त अभ्यास कर रहे जगदीश ने खास बातचीत में बताया कि लंदन में होने वाले इंटरनेशनल ब्रिटिश पैरा तैराकी में भाग लेंगे पूरी दुनिया के पैरा स्विमर्स आने वाले हैं। इस प्रतियोगिता में भारत से 5 तैराक भाग लेंगे जिसमें वे राजस्थान से एकमात्र तैराक हैं। इस प्रतियोगिता में जगदीश की चार इवेंट हैं जिसमें 100 मीटर बटरफ्लाई, 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले रिले और 100 मीटर बेस्ट फ्रॉक जो कंपल्सरी होता है। प्रतियोगिता में भारतीय टीम के साथ उनके कोच के रूप में भारतीय पैरा तैराकी के अध्यक्ष और ग्वालियर के डॉ. वीरेंद्र कुमार दबास जा रहे हैं।
साथ ही जगदीश इस प्रतियोगिता के बाद इंग्लिश चैनल रिले की तैयारी में जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले से तय शेड्यूल के अनुसार 31 मई से 3 जुलाई तक वल्र्ड पैरा सीरीज के बाद वे इंग्लिश चैनल के लिए डोवर रवाना होंगे। वहां 15 दिन की प्रेक्टिस के बाद उनका 21 जून से 28 जून तक इंग्लिश चैनल का स्लॉट बुक है, इस दरमियां वे अपने अन्य पैरा स्विमर सार्थियों के साथ इंग्लिश चैनल रिले करेंग। इसी के साथ जगदीश एक सफर में दो टूर्नामेंट खेल कर आएंगे। उनका 2 जुलाई को भारत लौटने का शेड्यूल है। इधर, जगदीश के इस सुनहरे सफर के लिए उनके गांव केलवा, जिले राजसमंद और राजस्थान से फोन कॉल्स और सोशल मीडिया के माध्यम से बेस्ट विशेज का दौर चल रहा है। लोगों का कहना है कि एक छोटे से गांव के स्विमर का लंदन तक का यह सफर सचमुच संघर्ष से सफलता की मिसाल है।
खेल गांव के तरणताल पर अभ्यास करने वाले जगदीश को उदयपुर जिला खेल अधिकारी ललित सिंह झाला ने भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं जगदीश को दी है।
राजसमंद झील पार कर चौकाया था
जगदीश ने सबसे पहले 2007 में राजसमंद झील पार को पार कर सबको चौंका दिया और सुखिर्यां में आ गए। इसके बाद कई पुरस्कार मिले। 2008 में इलाहाबाद में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पाने के बाद उनके हौसलों के मानों पंख लग गए। वे मुंबई अभ्यास के लिए गए व समंदर में तैराकी की कई स्पधाओं में पदकों की झड़ी लगा दी। कई स्पधाओं में उन्होंने दिव्यांग होते हुए भी साधारण तैराकों को पीछे छोड़ दिया। जगदीश अब तक राष्ट्रीय स्पधाओं में 60 से अधिक मैडल जीत चुके हैं। इनमें से 20 स्वर्ण पदक, 30 रजत और 10 से अधिक कांस्य पदक शामिल हैं। हाल ही में पोरबंदर में 7 व 8 जनवरी को हुई दो किलोमीटर की सी-स्विमिंग में उन्होंने रजत पदक जीता। जगदीश ने 2015 से राजस्थान पैरा स्विमिंग टीम में खेलना शुरू किया तो गर्व से प्रदेश का नाम ऊंचा हो गया। उन्होंने बेलगाम में दो गोल्ड, दो सिल्वर जीते। जयपुर नेशनल में एक स्वर्ण, तीन रजत व 2017 में उदयपुर में हुई राष्ट्रीय स्पर्धा के तीनों इवेंट में स्वर्ण पदक जीते।
