रामायण कठपुतली नाटिका का मंचन कल
भारतीय लोक कला मण्डल, में पद्मश्री देवीलाल सामर की 108 वी जन्मतिथी की पूर्व संध्या पर ‘‘रामायण’’ कठपुतली नाटिका का मंचन रविवार को होगा।संस्था के मानद सचिव रियाज़ तहसीन ने बताया कि भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर में संस्था के संस्थापक पद्मश्री देवीलाल सामर की 108 वीं जन्मतिथी की पूर्व संध्या पर दिनांक 29 जुलाई 2018 को सांय 7.30 बजे रामयण कठपुतली नाटिका का मंचन होगा।
भारतीय लोक कला मण्डल, में पद्मश्री देवीलाल सामर की 108 वी जन्मतिथी की पूर्व संध्या पर ‘‘रामायण’’ कठपुतली नाटिका का मंचन रविवार को होगा।संस्था के मानद सचिव रियाज़ तहसीन ने बताया कि भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर में संस्था के संस्थापक पद्मश्री देवीलाल सामर की 108 वीं जन्मतिथी की पूर्व संध्या पर दिनांक 29 जुलाई 2018 को सांय 7.30 बजे रामयण कठपुतली नाटिका का मंचन होगा।
सन् 1963 में स्व. पद्मश्री देवीलाल सामर द्वारा इस पुतली नाटिका का लेखन एवं निर्देशन किया गया था। सामर साहब के स्वर्गवास के पश्चात उनके द्वारा तैयार उक्त नाटिका का मंचन तकनिकी कारणों तथा निर्देशीय पक्ष को देखते हुए नहीं हो पा रहा था जिसे भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डाॅ. लईक हुसैन ने तकनीकी कमियों को दूर कर तथा पुनः निर्देशित कर उक्त नाटिका को तैयार किया है जिसका प्रथम मंचन दिनांक 29 जुलाई 2018 को सामर साहब के 108 वें जन्मतिथी कि पूर्व संध्या पर सांय 7.30 बजे मुक्ताकाशी रंगमंच पर किया जाएगा।
निदेशक डाॅ. लईक हुसैन ने बताया कि 50 वर्ष पूर्व तैयार उक्त नाटिका को वर्तमान में फिर से करना एक चुनौती पूर्ण कार्य था । क्यांेकि उस समय का गीत, संगीत, ध्वनी संकलन आदि बिल्कुल अलग था तथा खराब हो चुका था जिसे पुनः उसी प्रकार तो नहीं परन्तु बहुत कुछ सुधार कर प्रस्तुति लायक बनाया गया है।