रतलिया को यंगेस्ट सोशल एक्टिविस्ट ऑफ एशिया अवार्ड
झीलों के शहर उदयपुर का नाम एक बार फिर विश्व स्तर पर गूंज उठा है। उदयपुर में सुहानी सर्दी आंदोलन से पहचाने जाने वाले प्रवीण रतलिया को इस साल का
- मिडिल ईस्ट एशिया लीडरशिप अवार्ड
- वर्ल्ड लीडरशिप फैडरेशन ने किया चयन
- दुबई में हुआ सम्मान
झीलों के शहर उदयपुर का नाम एक बार फिर विश्व स्तर पर गूंज उठा है। उदयपुर में सुहानी सर्दी आंदोलन से पहचाने जाने वाले प्रवीण रतलिया को इस साल का यंगेस्ट सोशल एक्टिविस्ट ऑफ एशिया अवार्ड दिया गया है।
मिडिल ईस्ट एशिया लीडरशिप फैडरेशन के बैनर तले दुबई में चल रही मिडिल ईस्ट एशिया लीडरशिप समिट में 23 फरवरी को यह अवार्ड रतलिया को प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्लेटिनम ग्रुप के संस्थापक प्रवीण रतलिया जरूरतमंद बच्चों को ठिठुरने से बचाने के लिए पिछले कुछ सालों से सुहानी सर्दी आंदोलन चला रहे हैं। सुहानी सर्दी आंदोलन के अंतर्गत हर वर्ष करीब 10 हजार बच्चों को नए स्वेटर बांटें जाते हैं। इनमें प्राथमिकता सरकारी स्कूल के बच्चे हैं ताकि शिक्षा के प्रति ललक भी बढ़े और ठंड के कारण किसी बच्चें की मौत न हो। उदयपुर में रतलिया के सुहानी सर्दी पहल से पिछले दो सालों में किसी भी बच्चें की ठंड के कारण मौत नहीं हुई है।
जब तक 10 हजार स्वेटर का लक्ष्य पूरा न हो जाए और 10 हजार स्वेटर कंपकपाती ठंड में नन्हें बच्चों को न मिल जाए तब तक वे सुहानी सर्दी आंदोलन के प्रतीक वाला स्वेटर ही पहनते हैं। साथ ही इस अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए उदयपुर शहरवासियों से पुराने ऊनी परिधान एकत्र कर अंदरूनी जनजाति गांवों और आदिवासियों तक वितरित किए जाते हैं।
इसके अंतर्गत इस साल 8,654 पुराने ऊनी परिधान उदयपुर के लोगों से एकत्र कर जरूरतमंद आदिवासियों को बांटे गए। इसके साथ ही रतलिया ने रक्त उपलब्धता के लिए रक्तवीर अभियान चला रखा है। अब तक इस अभियान के सात चरणों में रक्तदान किया जा चुका है। इसी अभियान के तहत हैल्पलाइन और पिछले माह रक्तवीर एप भी लॉन्च किया गया जिसे मोबाइल में आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है और इसके उपयोग से जरूरतमंद को अधिकतम 20 मिनट में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाती है।
सिर्फ उदयपुर के ही नहीं बल्की आस-पास क्षेत्र के आदिवासियों को भी रक्तवीर अभियान से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है, इन आदिवासियों को रक्त की जरूरत पडने पर खास तौर पर रक्त उपलब्ध कराया जाता है ताकि इन्हें रक्त की कमी से जुझना ना पड़े। इन दोनों ही माध्यमों से अब तक कई लोगों को मदद उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस रक्तवीर अभियान का लक्ष्य आपातकाल स्थिति में किसी भी व्यक्ति की मौत रक्त की कमी के कारण न हो। पिछले दो सालों में रक्त की कमी से उदयपुर में किसी की मौत नहीं हुई है। मिशन एम जे के तहत पुराने स्टेशनरी, बेग, शूज, उदयपुर के लोगों से एकत्रित किए जाते है और गरीब आदिवासी और जरूरतमंद बच्चों को दिए जाते है, जिससे उनकी शिक्षा में कोई रूकावट न आए।

वृक्षम अभियान प्रवीण रतलिया द्वारा चलाया जाता है जिसके अंतर्गत हर साल करीब 5 हजार वृक्ष सुरक्षित स्थानों पर लगाए जाते है और इन वृक्षों की जिम्मेदारी आस-पास के लोगों को भी दी जाती है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित रहे और पर्यावरण के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़े। कई युवाओं ने इस अभियान में सहभागीता बनाई हैं। रतलिया की सेवा को समर्पित युवा सोच और उनकी टीम द्वारा कम समय में ही ऐसे कार्य कर ठोस लक्ष्य हासिल करने को फाउण्डेशन ने रेखांकित किया है। इसी वजह से रतलिया को इस अवार्ड से नवाजा गया।
