पुरूस्कार वितरण समारोह के साथ समपन्न हुआ 'रायला'
रोटरी क्लब उदय द्वारा तीन दिवसीस रोटरी यूथ लीडरशीप अवार्ड (रायला) का आज एश्वर्या कॉलेज के सभागार में पुरूस्कार वितरण समारोह के साथ ही समापन हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशस्ती पत्र एंव स्मृतिचिन्ह प्रदान किए गए।
रोटरी क्लब उदय द्वारा तीन दिवसीस रोटरी यूथ लीडरशीप अवार्ड (रायला) का आज एश्वर्या कॉलेज के सभागार में पुरूस्कार वितरण समारोह के साथ ही समापन हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशस्ती पत्र एंव स्मृतिचिन्ह प्रदान किए गए।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि यूनिसेफ की पूर्व प्रोजेक्टर लीडर डॉ. सुमन भटनागर ने रोटरेक्टर्स एवं रोटेरियन को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को नई दिशा देने तथा युवा वर्ग को देश के विकास में आगे बढाने के लिए रोटरी का रायला के रूप में यह प्रयास काफी सार्थक साबित होगा।
उन्होनें कहा कि पिछले तीन दिन से रायला के प्रतिभागी विभिन्न सत्रों में भाग ले रहे हैं लेकिन इनके चेहरे पर किसी प्रकार कि थकान नही बल्कि एक उत्साह और उमंग बरकार हैं जो इस बात कों साबित कर रहा है कि रायला ने इन सभी बच्चों के जीवन को एक नए जोश से भर दिया हैं।
विक्रान्त माथुर ने कहा कि रायला का यह तीन दिवसीय आयोजन एक ऐसा अवसर हैं जिसमें रायला प्रतिभागियों ने प्रशिक्षित प्रशिक्षिकाओं से पढ़ाई से आगे कुछ सोचने तथा कुछ सीखने का प्रयास किया हैं।
प्रतिभागी इन तीन दिन में काफी हद तक सफल भी रहे हैं, पहल जो बच्चे मंच पर बोलने में डर एवं झिझक रहे थे वही अब अपनी हर बात को बेहतर तरीके से मंच के माध्यम से पूर्ण विश्वास के साथ प्रस्तुत कर पा रहे हैं यह सब कुछ हो पाया हैं तीन दिन में रायला की सेमिनार में मिली शिक्षा से।
उन्होनें इस तीन दिवसीय सफल आयोजन के लिए रोटरी उदय की अध्यक्षा शालिनी भटनागर के कुशल नेतृत्व की भूरी-भूरी प्रश्ंासा करते हुए कहा कि रोटरी उदय के 51 दिन की यात्रा में रायला एवं अन्य कई आयोजनों का सफल आयोजन करना अपने आप में एक गौरव की बात हैं।
क्लब अध्यक्षा शालिनी भटनागर ने कहा कि रोटरी के सेवा कार्य के उदृदेश्य एवं यूथ के लिए कार्य करना इन उदृदेश्यों की पूर्ति के लिए तीन दिवसीय रायला का आयोजन रोटरी उदय द्वारा डिस्ट्रीक्ट लेवल पर प्रथम बार किया गया हैं।
उन्होने कहा कि इस शिविर में विभिन्न शहरों से सम्पूर्ण राजस्थान से करीब 60 बच्चों ने हिस्सा लिया तथा कुशल प्रशिक्षिका मिनाक्षी भटनागर एवं हर्षा कुमावत व स्वीटी छाबडा के सानिध्य में अपने आप में बदलाव, स्वयं से पहचान, सेवा कार्य के प्रति जागरूकता, सकारात्मक दृष्टिकोण, नेतृत्व विकास, मंच पर बोलने की कला सहीत अपने जीवन के हर छोटे से छोटे एवं बडें से बडे कार्य के दौरान ध्यान रखने वाली बातों को सीखा एवं जीवन में आत्मसात् करने का विश्वास दिलाया हैं।
