सरकार की योजनाओं और रीति-नीति को आमजन तक पहुचाएं – पंड्या
स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के अध्यक्ष रमेश पंड्या ने स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि वे सामंजस्य बनाकर राज्य सरकार की योजनाओं और रीति-नीति को आमजन तक पहुंचाये।

स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के अध्यक्ष रमेश पंड्या ने स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि वे सामंजस्य बनाकर राज्य सरकार की योजनाओं और रीति-नीति को आमजन तक पहुंचाये।
पंड्या शनिवार को राजस्थान सरकार द्वारा जारी स्वैच्छिक क्षेत्र संबंधित नीति का प्रचार-प्रसार करने एवं केन्द्र द्वारा संगठनों के प्रमाणन प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए ओटीसी सभागार में आयोजित स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की संभाग स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र की स्थापना की है। इस केन्द्र के माध्यम से सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों को जनता विशेष रुप से वंचित वर्ग की आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं के अनुरुप प्रगतिशील एवं उत्तरदायी बनाने में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि अनुभवी स्वैच्छिक संगठन यदि सकरात्मक सोच के साथ राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करेगी तो आम लोगों तक योजनाओं का भरपूर लाभ पहुंच सकेगा।
पंड्या ने कहा कि विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों वाले राजस्थान प्रदेश के जिलों एवं क्षेत्र की भिन्न भिन्न आवश्यकताए एवं समस्याए है। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र स्वैच्छिक संगठनों एवं राज्य सरकार की बीच की कडी के रुप में कार्य करेगा जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कार्यशाला में स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के सम्पूर्ण विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया। इस अवसर पर स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र जयपुर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंकुतला सिंह ने नवगठित केन्द्र की गतिविधियों, कार्यो की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस केन्द्र की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक संगठनों एवं सरकार के मध्य सामंजस्य स्थापित कर योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ आमजन तक पहुंचाना है।
प्रारम्भ में जिला कलक्टर आशुतोष पेडणेकर ने कहा कि इस केन्द्र की स्थापना से आदिवासी बाहुल्य उदयपुर जिले के जरुरतमंद लोगों को अच्छा लाभ मिलेगा। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किये। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, स्थानीय निकाय, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारियों ने विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं में स्वंयसेवी संस्थाओं की भूमिका पर विचार दिये।
कार्यशाला में उदयपुर संभाग की स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत केन्द्र की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शकुंतला सिंह एवं संयुक्त निदेशक राजेन्द्र सिंह तंवर ने किया।
