सात माह की बच्ची से 1 किलो की गाँठ निकाली
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर के बाल एवं शिशु रोग विभाग द्वारा मात्र 7 माह की बच्ची के पेट से लगभग 1 किलो (900 ग्राम) के गाँठ को सफलतापूर्वक निकालकर उसे स्वस्थ किया किया। चिकित्सकों की टीम में बाल एवं शिशु रोग सर्जन डॉ. अतुल मिश्रा के साथ डॉ. पवन, निश्चेतना विभाग के डॉ. करुणा व डॉ. प्रियम, ओ. टी. स्टाफ कामना, फिरोज, बाल गहन चिकित्सा इकाई व वार्ड के डाक्टरों व स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बांसवाड़ा निवासी कव्यांशी (उम्र 7 माह) की लगभग दो माह से पेट की गाँठ की समस्या बढती जा रही थी व पेट गुब्बारे की तरह फूल गया था। रोगी को बांसवाडा से इलाज के लिए गीतांजली हॉस्पिटल रेफ़र किया गया। डॉ. अतुल ने बताया कि लगभग साढ़े चार घंटे चले इस ऑपरेशन में बहुत से जोखिम थे। गांठ लगभग पूरे पेट में जगह बना चुकी थी तथा बड़ी धमनियों एओर्टा व गुर्दों से चिपकी हुई थी। सब जोखिमों को ध्यान में रखते हुए रोगी का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर गाँठ को बाहर निकाला गया। बच्ची अब स्वस्थ है, खा पी रही है, खेल रही है एवं हॉस्पिटल द्वारा छुट्टी प्रदान की जा रही है।
ऑपरेशन के पश्चात ज्यादा एहतियात को ध्यान में रखते हुए रोगी की बायोप्सी की गयी, जिससे कि पता लगाया जा सके कि भविष्य में इस तरह की गाँठ से कोई समस्या उत्पन्न न हो। पैथोलोजी जांच रिपोर्ट (बायोप्सी) में रोगी में यह टेराटोमा नाम की गांठ (ट्यूमर) पाई गई। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, इसका पता अल्ट्रासाउंड व सिटीस्कैन द्वारा लगाया जाता है एवं पूरी तरह से निकल जाने पर मरीज भी पूरी तरह ठीक हो जाता है।
