गीतांजलि में मनाया गया गणतंत्र दिवस


गीतांजलि में मनाया गया गणतंत्र दिवस 

हिन्दू , मुस्लिम ,सिख और ईसाई से पहले हम भारतीय हैं - डॉ मिश्र 

 
गीतांजलि में मनाया गया गणतंत्र दिवस
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हम सब के खून का रंग लाल है जो यह दर्शाता है कि हम सब एक जाति व्यवस्था व से संप्रदाय से ना होकर हम एक मानव मात्र हैं

गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल स्टडीज डबोक में 72 गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया।  संस्थान के निदेशक डॉ  विकास मिश्र ने झण्डा रोहण  करके गिट्स परिवार को 72वे  गड्तंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि देश के आजाद होने के बाद देश की आंतरिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे इसके लिए बाबा भीमराव अंबेडकर के सानिध्य में संविधान का निर्माण किया गया। यह संविधान भारतीय गणराज्य में 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया जिसको हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।

डॉ मिश्र ने कहा कि संविधान की नजर में हम हिंदू मुस्लिम और सिख ईसाई से पहले भारतीय हैं । इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि हम सब के खून का रंग लाल है जो यह दर्शाता है कि हम सब एक जाति व्यवस्था व से संप्रदाय से ना होकर हम एक मानव मात्र हैं। 26 जनवरी और 15 अगस्त यह हमारे राष्ट्रीय पर्व होने के साथ-साथ महापर्व भी हैं जिसे हमें हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए।

आइक्यूएसी निदेशक डॉ सुधाकर जिंदल ने इस अवसर पर कहा कि हमारे व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ हमारा सार्वजनिक जीवन भी है जो हमें सब धर्मों में सर्वोपरि राष्ट्रधर्म की प्रेरणा देता है। यही राष्ट्र धर्म हमें अनेकता में एकता  का संदेश देता है। एक इंजीनियर के नाते हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम समाज की कुरीतियां जात पात की व्यवस्था को दूर करने में अपना सकारात्मक सहयोग प्रदान करें जिससे आधुनिक भारत का निर्माड़  हो सके। 

इस अवसर पर प्रबंधन संकाय के विद्यार्थियों ने देश भक्ति गीत, संगीत, कविता तथा नृत्य  की विभिन्न प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में समा बांध दिया कार्यक्रम का संचालन पीयुषी  मंत्री एवं दिविशा भटनागर द्वारा किया गया । इस अवसर पर सम्पूर्ण गीतांजलि परिवार उपस्थित था। 
 

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