हरियाणा में राजस्व विभाग का अटका काम ! 2.19 लाख इंतकाल लंबित, देखें जिलावाइज पूरी रिपोर्ट ?

 | 
हरियाणा में राजस्व विभाग का अटका काम ! 2.19 लाख इंतकाल लंबित, देखें जिलावाइज पूरी रिपोर्ट ?

Udaipur Times, Haryana News, भिवानी/हिसार/रोहतक : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में राजस्व विभाग का डिजिटल ढांचा लड़खड़ा गया है। डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के दावों के बीच करीब 4 माह पहले लॉन्च हुआ नया सॉफ्टवेयर जनता व राजस्व कर्मियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। लोगों के जमीन से संबंधित 2,19,147 इंतकाल लंबित हैं। गलत रिकॉर्ड दर्ज होने से मालिकों को रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सॉफ्टवेयर की सुस्त रफ्तार के कारण शुक्रवार को राज्य में 2% इंतकाल ही दर्ज हुए। 7 दिन में प्रदेश में 30% इंतकाल निपटाए जा सके हैं। स्पीड इतनी धीमी है कि पटवारी व कानूनगो 1-1 एंट्री के लिए घंटों इंतजार करते हैं। सबसे बड़ी लापरवाही ऑनलाइन रिकॉर्ड की कंप्लीटनेस में सामने आई है। सॉफ्टवेयर में खसरा नंबर व किला नंबर तक गलत दर्ज किए गए हैं। 

सॉफ्टवेयर एक इंतकाल को 3-4 बार दर्ज करने के बावजूद उसका प्रिंट गलत बना रहा है। कभी खेवट का हिस्सा कम-ज्यादा हो रहा है। कभी मालिकों के नाम गायब हो रहे हैं। रेवेन्यू कानूनगो एवं पटवारी एसोसिएशन राज्य प्रधान जयवीर चहल व उप प्रधान विकास राठी ने बताया कि वे सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खामियों, सर्वर डाउन रहने और काम के बढ़ते दबाव के विरोध में पहले ही सरकार के खिलाफ धरना दे चुके हैं।

ये है जिला वाइज इंतकाल का विवरण

जिला--    कुल म्यूटेशन-- पूर्ण     -- प्रक्रिया में     --लंबित     --रद्द

अम्बाला--3,28,610--2,47,981--65,338--13,131--2,156
भिवानी--3,20,042--2,47,150--58,951--10,081--3,857
चरखी दादरी--1,55,491--1,19,194--30,036--4,457--1,800
फरीदाबाद--1,65,194--1,15,317--28,273--13,304--8,299
फतेहाबाद--2,93,412--2,36,137--49,765--6,138--1,369
गुरुग्राम--2,95,646--2,22,822--49,161--12,368--11,292
हांसी--1,59,640--1,26,330--26,630--5,256--1,423
हिसार--2,81,708--2,16,402--54,136--8,824--2,342
झज्जर--4,03,294--3,08,740--72,786--10,906--10,854
जींद--4,18,287--3,35,540--64,856--12,270--5,618
कैथल--3,38,850--2,81,094--45,681--9,741--2,320
करनाल--3,69,100--2,96,424--57,785--8,465--6,421
कुरुक्षेत्र--3,26,254--2,59,923--52,056--10,822--3,449
महेंद्रगढ़--3,03,975--2,44,243--49,536--5,594--4,597
नूंह--2,69,281--1,96,634--56,409--8,571--6,951
पलवल--2,41,116--1,65,681--54,624--12,454--8,353
पंचकूला--1,66,523--1,37,941--22,211--4,199--2,172
पानीपत--2,84,528--2,47,521--18,045--13,535--5,425
रेवाड़ी--2,66,164--1,96,700--54,312--11,046--4,092
रोहतक--2,61,970--2,03,760--48,680--6,786--2,744
सिरसा--4,48,479--3,64,499--71,084--8,465--4,42
सोनीपत--4,75,898--3,64,892--82,483--15,481--13,041
यमुनानगर--3,29,569--2,55,334--62,198--7,253--4,779
कुल--69,03,031--53,90,259--11,75,036--2,19,147--1,17,782

एक खेवत में एक बार में केवल एक इंतकाल दर्ज हो रहा

मुख्यालय के अधिकारियों के साथ पटवारियों की 2 सप्ताह पहले वीसी हुई थी। पटवारियों ने इंतकाल दर्ज करने में आ रही दिक्कतों का ब्योरा दिया था। अधिकारियों ने सुधार का आश्वासन दिया था। 

समस्या जस की तस है। 1 खेवत में 1 बार में 1 ही इंतकाल हो सकता है। 1 खेवत में 50 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं। यह शर्त हटे तो पटवारी रोजाना 50 इंतकाल निपटा सकते हैं।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News