हरियाणा में घर बैठे और CSC के माध्यम से मिलेंगी राजस्व सेवाएं, नागरिकों को मिलेगी बेहतर सुविधा
Udaipur Times, Haryana News, फरीदाबाद : उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रौद्योगिकी आधारित बनाने की दिशा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल इंतकाल की प्रक्रिया में परिवर्तन करना नहीं है, बल्कि आम नागरिक को तहसील कार्यालयों के अनावश्यक चक्करों से राहत दिलाना तथा संपूर्ण राजस्व प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रेशन के उपरांत म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से समयबद्ध रहेगी। रजिस्ट्री के बाद पहले चार दिन तक म्यूटेशन पटवारी के लॉगिन में रहेगी और इस अवधि में उन्हें आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करनी होगी। यदि पांचवें दिन तक पटवारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो म्यूटेशन स्वतः ही कानूनगो के लॉगिन में अग्रेषित हो जाएगी, जहां उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया जाएगा। इसके पश्चात सातवें दिन म्यूटेशन स्वतः सीआरओ के लॉगिन में चली जाएगी, जिन्हें चार दिन के भीतर कार्रवाई करनी होगी और यदि निर्धारित समय-सीमा में किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो ग्यारहवें दिन म्यूटेशन स्वतः ही जमाबंदी में शामिल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि म्यूटेशन किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
डीसी आयुष सिन्हा ने आगे बताया कि सरकार द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए एक विशेष ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जहां कोई भी नागरिक अपनी उस म्यूटेशन से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकेगा जो निर्धारित समय-सीमा में प्रोसेस नहीं हुई है। नागरिक अपनी म्यूटेशन से संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे और संबंधित विभाग द्वारा दस दिनों के भीतर मामले पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि म्यूटेशन नियमानुसार संभव होगी तो नागरिक को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी और यदि किसी कारणवश म्यूटेशन संभव नहीं होगी तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती, किस नियम के आधार पर मामला स्वीकार नहीं किया गया तथा आगे की प्रक्रिया क्या होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को केवल यह कहकर वापस न भेजा जाए कि इंतकाल नहीं हो सकता, बल्कि उसे लिखित एवं तर्कसंगत निर्णय प्राप्त हो।
उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं और जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी त्रुटियों में सुधार तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उपायुक्त श्री सिन्हा ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया है ताकि नागरिकों को अपने कार्य के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटाइजेशन का उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करना नहीं है, बल्कि सिस्टम को बेहतर बनाना, जवाबदेही तय करना और आम नागरिक को समय पर सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को कोई वास्तविक तकनीकी समस्या या परिचालन संबंधी कठिनाई आती है अथवा कोई सकारात्मक सुझाव है तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके।