रिवॉल्विंग ट्रैफिक बूथ पड़ा दुविधा में
शहर के देहलीगेट चौराहे पर रविवार को बिना परमिशन लगाये गये रिवॉल्विंग ट्रैफिक बुथ को हटा दिया गया। इसकी वजह नगर निगम से नियमानुसार मंजूरी नहीं लेना बताया जा रहा है। ट्रायल पर लगे इस बूथ का उद्घाटन से पहले ही महापौर रजनी डांगी मौके पर पहुंची और संस्था के प्रतिनिधियों से मंजूरी को लेकर […]

शहर के देहलीगेट चौराहे पर रविवार को बिना परमिशन लगाये गये रिवॉल्विंग ट्रैफिक बुथ को हटा दिया गया। इसकी वजह नगर निगम से नियमानुसार मंजूरी नहीं लेना बताया जा रहा है।
ट्रायल पर लगे इस बूथ का उद्घाटन से पहले ही महापौर रजनी डांगी मौके पर पहुंची और संस्था के प्रतिनिधियों से मंजूरी को लेकर सवाल किये। जवाब में प्रतिनिधियो ने पुलिस की मिली स्वीकृति का हवाला दिया, लेकिन मेयर ने कहा की प्राइवेट संस्था द्वारा नगर निगम से उचित परमिशन नहीं ली गई। इसी के चलते संस्था के प्रतिनिधियो ने तुरन्त बूथ को हटवा कर पुलिस कट्रोंल रूम मे रखवा दिया।
यह था प्रोजेक्ट
एवर ग्रीन मीडिया ने देहलीगेट,पारस तिराहा,एमबी चिकित्सालय रोड, दुर्गा नर्सर रोड पर बूथ लगाना तय किया था। इस संस्था दो महीने पहले सर्वे किया था जिसमे ज्यादा दबाव वाले स्थानो को चुना गया था।
इस बूथ मे घुमने वाली सीट के साथ पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी है, जिसमे ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी यातायात व्यवस्थित कर सकता है। इसके साथ ही एम्पलीफायर के जरिए यातायात नियमो की प्री रिकार्डिग चलाकर लोगो को नियमो के प्रति जागरूक करने का प्रोजेक्ट था।
मामले पर महापौर का कहना
इस मामले को लेकर मेयर रजनी डांगी ने बताया कि संस्था ने नगर निगम से बूथ लगाने की परमिशन नहीं ली थी। यदि शहर में कुछ भी लगाना हो, तो नगर निगम से परमिशन लेनी चाहिए।
मामले पर ट्रैफिक डीएसपी महेन्द्र सिंह का कहना है कि हम इस मामले पर महापौर से बात करेंगे। इस ट्रैफिक बूथ से यातायात नियमो की पालना और जागरूकता ज्यादा होगी।