अब तेजी से बनेगा रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर, 21 स्टेशनों वाले प्रोजेक्ट अड़चनें दूर करने की तैयारी
Udaipur Times, Delhi Metro : दिल्ली मेट्रो के फेज-4 की बहुप्रतीक्षित रिठाला-कुंडली (नाथूपुर) मेट्रो कॉरिडोर परियोजना को जल्द रफ्तार मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से निर्माण में बाधा बन रही 400 केवी हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों और परियोजना क्षेत्र में मौजूद हजारों पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन बाधाओं के दूर होने के बाद कॉरिडोर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
करीब 26.463 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को केंद्र सरकार ने दिसंबर 2024 में मंजूरी दी थी। इस परियोजना पर लगभग 6,230 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में इसका शिलान्यास किया था।
3,500 पेड़ों पर पड़ेगा असर
परियोजना के लिए करीब 3,500 पेड़ों को हटाना होगा। इनमें 527 पेड़ों की कटाई की जाएगी, जबकि बाकी पेड़ों को दूसरी जगह प्रत्यारोपित (ट्रांसप्लांट) किया जाएगा। इसके लिए डीएमआरसी ने वन विभाग से अनुमति मांगी है।
400KV बिजली लाइनें बन रही थीं सबसे बड़ी बाधा
बवाना स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास से गुजर रही पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) और दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) की 400 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइनें मेट्रो एलाइनमेंट के बीच आ रही थीं। अब डीएमआरसी ने इन लाइनों को शिफ्ट करने या उनकी ऊंचाई बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस कार्य पर 18.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पूरा होने में लगभग 18 महीने लग सकते हैं। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
नई एलाइनमेंट के तहत होंगे कई तकनीकी कार्य
परियोजना के तहत केवल बिजली की लाइनें हटाई नहीं जाएंगी, बल्कि पूरी नई एलाइनमेंट तैयार की जाएगी। इसमें सर्वे, जियोटेक्निकल जांच, नए टावरों की स्थापना, फाउंडेशन निर्माण, नई ट्रांसमिशन लाइन बिछाने, परीक्षण और कमीशनिंग जैसे कई तकनीकी कार्य शामिल होंगे। इसके बाद पुराने टावर और लाइनें चरणबद्ध तरीके से हटाई जाएंगी।
तीन राज्यों को जोड़ेगी रेड लाइन
रिठाला-कुंडली (नाथूपुर) कॉरिडोर मौजूदा रेड लाइन का विस्तार होगा। इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा पहली बार एक ही रेड लाइन मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएंगे। यात्री गाजियाबाद के शहीद स्थल से रिठाला, बवाना, नरेला होते हुए हरियाणा के कुंडली-नाथूपुर तक बिना मेट्रो बदले सफर कर सकेंगे।
21 मेट्रो स्टेशन होंगे
इस कॉरिडोर पर कुल 21 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे रोहिणी के कई सेक्टरों, बवाना, नरेला और कुंडली क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही नरेला और बवाना में आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
